बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छापेमारी, पांच इकाइयां सील

ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली न लगाने पर पीसीबी के अधिकारियों ने की सख्त कार्रवाई, बंदी आदेश भी किया चस्पा

मुजफ्फरनगर। बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में धातु गलन (इंगट) इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बुधवार को बड़ी छापेमार कार्रवाई की। वायु प्रदूषण फैलाने और निर्धारित मानकों का पालन न करने के आरोप में पांच इकाइयों को सील कर दिया गया। इसके साथ ही इन इकाईयों पर पीसीबी अधिकारियों ने बंदी आदेश भी चस्पा कर दिया है। इस सख्त कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में हड़कंप मच गया और अन्य इकाइयों में भी अफरा-तफरी का माहौल रहा।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता राजा गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम ने औद्योगिक क्षेत्र में इकाईयों पर छापा मारा, इनमें एन.आर. मेटल, आरके मेटल, श्री मेटल, प्रिंस मेटल और तालिब मेटल नामक इकाइयों की जांच में पाया गया कि इन इकाइयों द्वारा चिमनियों से निकलने वाले धुएं की निगरानी के लिए अनिवार्य ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली स्थापित नहीं की गई थी या उसे बोर्ड के सर्वर से नहीं जोड़ा गया था। सहायक अभियंता कुंवर संतोष ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 5 दिसम्बर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और दिल्ली क्षेत्र में संचालित वायु प्रदूषणकारी उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए थे। यह निर्देश वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 18(1)(बी) के अंतर्गत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए गए थे।

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इसके अनुपालन में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसे उद्योगों को आदेशित किया था कि वे चिमनी उत्सर्जन की निगरानी के लिए वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला से प्रमाणित प्रणाली स्थापित करें। साथ ही, परिसर की निगरानी हेतु पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरा लगाकर उसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर से जोड़ना भी अनिवार्य किया गया था, ताकि उत्सर्जन की वास्तविक समय में निगरानी की जा सके। बताया कि 30 जनवरी 2026 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा स्थलीय निरीक्षण के उपरांत नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति के अधिकारियों ने बुधवार को बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिन इकाइयों में उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण बंद पाए गए या मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, उनके प्रदूषण नियंत्रण उपकरण बंद कराकर इकाइयों को सील कर दिया गया। साथ ही संबंधित इकाइयों के मुख्य द्वार पर वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा 31ए के तहत बंदी आदेश भी चस्पा किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित इकाइयां निर्धारित मानकों के अनुरूप ऑनलाइन निगरानी प्रणाली स्थापित कर उसे बोर्ड के सर्वर से नहीं जोड़ेंगी और उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण सुचारु रूप से संचालित नहीं करेंगी, तब तक सील नहीं खोली जाएगी।

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