योगी आदित्यनाथ जापान दौरा 22 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पहले सिंगापुर जाएंगे और इसके बाद जापान का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास को गति देना है। जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री अत्याधुनिक मैग्लेव हाईस्पीड ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे।
योगी आदित्यनाथ जापान दौरा: निवेश और तकनीक पर फोकस
मुख्यमंत्री 22 फरवरी को लखनऊ से सिंगापुर रवाना होंगे। 23 और 24 फरवरी को वह विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इसके बाद 25 और 26 फरवरी को जापान में रहेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा उत्तर प्रदेश में निवेश लाने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री अपने पारंपरिक भगवा कुर्ता-चोला में ही इस विदेश यात्रा पर जाएंगे, जो उनकी पहचान का हिस्सा बन चुका है।
मैग्लेव ट्रेन बनेगी दौरे का विशेष आकर्षण
जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन मुख्यमंत्री की यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहेगी। यह ट्रेन चुंबकीय शक्ति के सहारे पटरी से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है। चुंबकीय तकनीक के कारण ट्रेन और ट्रैक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाता है, जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही वजह है कि यह ट्रेन 600 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल कर सकती है। मुख्यमंत्री 50 किलोमीटर आगे और 50 किलोमीटर वापसी की परीक्षण यात्रा करेंगे।
आधुनिक परिवहन का भविष्य मानी जा रही तकनीक
जापान टोक्यो से नागोया के बीच मैग्लेव कॉरिडोर को वर्ष 2027 तक शुरू करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इस परियोजना के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय आधे से भी कम हो जाएगा। जापानी विशेषज्ञों के अनुसार, इस ट्रेन में सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट और अत्याधुनिक गाइडवे सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो उच्च गति के साथ स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
मुख्यमंत्री की यह यात्रा उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे के विस्तार और दीर्घकालिक नीति निर्माण की दृष्टि से अहम मानी जा रही है। योगी आदित्यनाथ जापान दौरा से प्रदेश को तकनीकी सहयोग और निवेश के नए अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






