मुजफ्फरनगर-शहरी विकास की महायोजना लेकर आई मीनाक्षी स्वरूप

नगरपालिका परिषद् की 28 फरवरी को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में 159 प्रस्ताव वाला बाहुबली एजेंडा जारी

मुजफ्फरनगर। शहर के समग्र विकास को नई दिशा देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। नगरपालिका परिषद की आगामी बोर्ड बैठक में व्यापक शहरी विकास के लिए पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की ओर से इस बार एक महायोजना प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें पेयजल, पथ प्रकाश, निर्माण कार्य, कर्मचारियों के हित के साथ ही पहली बार शहरी सौन्दर्यकरण के लिए एक बिग प्लान पर विशेष जोर रहेगा। 28 फरवरी को पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में टाउनहाल सभाकक्ष में होने वाली बैठक में 159 प्रस्तावों वाले एजेंडे पर विचार होगा और मीनाक्षी स्वरूप के इस विकासशील एजेंडे को सम्पूण्र सदन की स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप इस बार फरवरी माह के अंतिम दिन होने जा रही बोर्ड बैठक में एक विशेष प्रस्ताव के सहारे वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट के रूप में पालिका प्रशासन की आय-व्यय का अनुमानित मूल बजट प्रस्तुत करेंगी। विशेष बात यह है कि इस बैठक में मीनाक्षी स्वरूप शहरी विकास की सोच के साथ 290 करोड़ रुपये की आय का बजट पेश कर रही है, जबकि आगामी वित्तीय वर्ष में 486 करोड़ रुपये शहरी विकास पर खर्च करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई हैं।
अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की स्वीकृति के बाद 28 फरवरी को प्रातः 11 बजे टाउनहाल सभाकक्ष में पालिका बोर्ड की बैठक निर्धारित की गई है। बैठक के लिए जारी एजेंडा में कुल 159 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इन प्रस्तावों में एक विशेष प्रस्ताव वार्षिक बजट से संबंधित है। परिषद द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित मूल बजट तैयार कर लिया गया है, जिसे बोर्ड के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
लेखा विभाग द्वारा तैयार आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक) की वास्तविक आय 1,82,21,41,198 रुपये दर्ज की गई है, जबकि वास्तविक व्यय 1,52,49,94,023 रुपये रहा है। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित मूल बजट में आय 2,90,34,90,000 रुपये प्रस्तावित की गई है। वहीं अनुमानित व्यय 4,86,76,00,000 रुपये रखा गया है। इस वित्तीय वर्ष में एक फरवरी तक पालिका के पास 2,66,78,87,900 रुपये की धनराशि अवशेश थी। वित्तीय वर्ष 2026-27 की समाप्ति पर 70.37 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अवशेष रहने का अनुमान है। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि मौखिक निर्देशों के अनुपालन में अनुमानित आय और व्यय के आंकड़ों का समुचित आकलन कर यह मूल बजट तैयार किया गया है।
पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि इस बैठक के लिए प्रस्तुत विकास महायोजना में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करना, पथ प्रकाश व्यवस्था का विस्तार, विभिन्न निर्माण कार्यों को गति देना, कर्मचारियों के आर्थिक हितों की सुरक्षा तथा शहर के सौन्दर्यकरण के लिए विशेष परियोजनाएं शामिल हैं। कहा कि शहरी विकास की यह विस्तृत योजना शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं में व्यापक सुधार का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। 28 फरवरी को होने वाली बैठक में यदि 159 प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो यह नगरपालिका के इतिहास की सबसे बड़ी विकासपरक कार्ययोजना साबित होगी।

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