परेशान परिजनों से घर जाकर मिले मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सकुशल वापसी के लिए केन्द्र में की बात
मुजफ्फरनगर। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। इस क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और अस्थिरता के बीच भारत के सैंकड़ों लोग प्रभावित देशों में फंसे हुए हैं। ऐसे में मुजफ्फरनगर के भी काफी संख्या में लोग खाड़ी देशो और ईरान के साथ ही इजराइल में भी फंसे हुए हैं। दो युवक दुबई में फंस गए हैं। इनमें एक भाजपा नेता तो दूसरा बड़े उद्योगपति और सर्राफ का पुत्र है। दोनों युवक छुट्टियां मनाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई गए थे, लेकिन अचानक बिगड़े हालात के कारण उनकी वापसी फिलहाल संभव नहीं हो पा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर केंद्र स्तर पर आवश्यक प्रयास शुरू कर दिए हैं। जनपद के प्रतिष्ठित व्यापारी राम कुमार सर्राफ के पुत्र संजय सर्राफ तथा वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा नेता कुंज बिहारी अग्रवाल के पुत्र राजन अग्रवाल कुछ दिन पूर्व अवकाश बिताने दुबई गए थे। इसी दौरान अमेरिका और इजराइल के द्वारा ईरान पर हमला कर दिए जाने से पश्चिम एशिया में के कई देशों में सैन्य संघर्ष तेज हो गया। युद्ध जैसे हालात और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ रहे प्रभाव के कारण दोनों युवक वहीं फंस गए हैं। परिजनों को उनकी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। हालांकि दोनों युवकों से संपर्क बना हुआ है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण परिवारों में अनिश्चितता का माहौल है।
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल जानकारी मिलने पर सिद्धार्थ कॉलोनी, आर्य समाज रोड स्थित राम कुमार सर्राफ के आवास पर पहुंचे और दोनों बच्चों के पिता तथा परिजनों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि युवकों की सुरक्षित और शीघ्र स्वदेश वापसी के लिए केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों के माध्यम से संपर्क साधा जा रहा है। यदि जरूरत पड़ी तो विशेष विमान या वैकल्पिक मार्ग से भी वापसी सुनिश्चित कराने के प्रयास किए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच जिले में भी चिंता का माहौल है। परिजन और परिचित लगातार युवकों की सकुशल वापसी की कामना कर रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। युद्ध की आंच भले ही हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन उसका असर अब मुजफ्फरनगर तक महसूस किया जा रहा है। सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि हालात सामान्य हों और दोनों युवक सुरक्षित अपने घर लौट सकें।






