आर्य समाज शिवपुरी होली उत्सव के दूसरे दिन खतौली में आयोजित सभा में समाज और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया गया। दानवीर ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ बनाना चाहिए और उसे समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित रखना चाहिए। सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और वैदिक परंपरा के अनुसार कार्यक्रम संपन्न हुआ। ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा कि साहित्य और संगीत से विहीन मनुष्य पशु के समान होता है।
जिनके पास विद्या, तप, ज्ञान, गुण और धर्म नहीं है, वे इस पृथ्वी पर भार स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि जहां ब्रह्म शक्ति और शारीरिक शक्ति दोनों साथ हों, वहीं सफलता मिलती है। स्वामी महर्षि दयानंद के पास दोनों शक्तियां विद्यमान थीं, इसी कारण उन्होंने समाज में व्यापक परिवर्तन किया। आचार्य कंवर पाल शास्त्री ने उपदेश देते हुए कहा कि अग्निहोत्र करने वालों का ही वेद पढ़ना सफल होता है। उन्होंने कहा कि दान और उपभोग से ही धन की सफलता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आचरणहीन व्यक्ति को वेद भी पवित्र नहीं कर सकते। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण को सुधारने का संकल्प लेना चाहिए। आचार्य अमित कुमार शास्त्री गंगोह ने कहा कि होली प्रसन्नता, पवित्रता और खुशहाली का पर्व है।
इस अवसर पर बुराइयों को छोड़ने और अच्छाइयों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि भक्त प्रहलाद से परमात्मा की भक्ति और सत्य बोलने की शिक्षा लेनी चाहिए। होली तभी सार्थक है जब हम संकल्प लें कि अब आगे कोई गलती नहीं होगी। इससे पूर्व सत्येंद्र आर्य के आवास पर वैदिक रीति से होली पर्व मनाया गया। यजमान विकास आर्य एवं पिंकी आर्य रहे, जबकि पुरोहित रामदेव शास्त्री एवं अजेश आर्य ने विधि संपन्न कराई। कार्यक्रम का संचालन आर्य समाज के जिला प्रधान सत्येंद्र आर्य ने किया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध आर्य भजनोपदेशक मोहित शास्त्री बिजनौर, मधुर गायक घनश्याम प्रेमी, महाशय जगमाल हापुड और सुशील आर्य ने भजन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में दीपिका आर्य, वरेण्यम आर्य, पुरू महाराज, अशोक शर्मा जी अध्यक्ष कौमी एकता कमेटी खतौली, रूपा, सचिन, जहान सिंह मेरठ, वेद प्रकाश एडवोकेट, मास्टर जयपाल सिंह, अजय अरोड़ा, राजपाल आर्य, जगदीश प्रधान, धीरेंद्र आर्य, सुनील आर्य, प्रवीण आर्य, वैभव आर्य, अमरेश आर्य, शोभाराम आर्य, सतीश काके, चुन्नीलाल आर्य, श्याम सिंह नागर, ठाकुर सतीश, शीशपाल, जयकरण सिंह, डॉक्टर रिशिपाल, उषा आर्य, गीता आर्य, ओजस्वी आर्य, वर्णिका आर्य, वेदांशी आर्य, देवंशी आर्य, सुशील गुर्जर, कृष्ण पाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।






