ईरान मिसाइल शहर का खुलासा, आत्मघाती ड्रोन से बड़ी तैयारी

ईरान मिसाइल शहर को लेकर दुनिया के सामने एक नया खुलासा हुआ है। ईरान की सेना ने अपने आत्मघाती ड्रोन और जहाज रोधी हथियारों के बड़े बेड़े की झलक दिखाते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें भूमिगत परिसर में बड़ी संख्या में नौसैनिक ड्रोन और मिसाइलें दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि इन हथियारों के दम पर होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित करने की योजना बनाई जा रही है। ईरान के सरकारी टीवी ने गुरुवार को यह फुटेज प्रसारित किया।

अधिकारियों के अनुसार, यह वीडियो एक भूमिगत सैन्य परिसर से रिकॉर्ड किया गया है, जिसे ईरान ने मिसाइल शहर बताया है। जारी वीडियो में भूमिगत सुरंगों के भीतर बड़ी संख्या में नौसेना के ड्रोन दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें यूएसवी कहा जाता है। इनके साथ जहाज रोधी मिसाइलें भी मौजूद हैं और कुछ फुटेज में हथियारों को दागते हुए भी दिखाया गया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो किस समय रिकॉर्ड किया गया था। फिर भी इन दृश्यों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

इसे भी पढ़ें:  कोडिन कफ सिरप कांड के दोषी को उल्टा लटका देंगे, अखिलेश बचा नहीं सकते: केशव मौर्य 

इन नौसैनिक ड्रोन की खासियत यह है कि ये पानी की सतह पर या पानी के नीचे चल सकते हैं। इनमें भारी मात्रा में विस्फोटक भरा होता है और तेल टैंकर से टकराते ही विस्फोट हो जाता है। बताया जाता है कि इसी तरह के ड्रोन पहले भी फारस की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमलों में इस्तेमाल किए जा चुके हैं, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला अहम समुद्री मार्ग आंशिक रूप से बाधित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 1 मार्च को ओमान के तट के पास एक कच्चे तेल के टैंकर पर भी ऐसे ही ड्रोन से हमला किया गया था। इस हमले में टैंकर में जोरदार विस्फोट हुआ और आग लग गई। घटना में चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई, जबकि जहाज को भी नुकसान पहुंचा। ईरान के कामीकेज ड्रोन, जिन्हें आत्मघाती ड्रोन या शाहेद ड्रोन भी कहा जाता है, बेहद खतरनाक माने जाते हैं।

इसे भी पढ़ें:  शिखर धवन को ईडी ने किया तलब.... गैरकानूनी बेटिंग एप मामले में पूछताछ 

इन ड्रोन की प्रमुख क्षमताएं इस प्रकार बताई जाती हैं  लगभग 2000 किलोमीटर तक उड़ान भरने की क्षमता, 40 से 50 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने की क्षमता, 180 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार कम लागत में तैयार होने की क्षमता विशेषज्ञों के अनुसार, इन ड्रोन की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।

इसे भी पढ़ें:  IRCTC घोटाला केस: लालू, राबड़ी और तेजस्वी पर लगे आरोप, कोर्ट ने कहा– टेंडर साजिश में लालू की भूमिका थी

Also Read This

साफ्टवेयर इंजीनियर बना साधु, 15 साल पहले छोड़ गया था पत्नी और बच्चे, अचानक लौटा तो घरवाली ने कर दी पिटाई

मथुरा- मथुरा- बलदेव क्षेत्र में 15 साल पहले पत्नी और बच्चों को छोड़कर प्रेमिका के साथ रहने वाला युवक साधु के वेश में लौट आया। राया के मांट रेलवे क्रॉसिंग पर पत्नी ने उसे पकड़ लिया, जिसके बाद भीड़ ने कार का शीशा तोड़कर उसकी पिटाई कर दी और पुलिस उसे थाने ले गई। मथुरा के थाना बलदेव क्षेत्र में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। 15 साल पहले पत्नी और बच्चों को छोड़कर गया पति अचानक ही साधु के वेष में लौटा। सूचना मिलते ही पत्नी ने उसकी पीछा शुरू कर दिया। मांट रेलवे क्रॉसिंग पर उसे पकड़ लिया। इस दौरान पति की पिटाई कर दी। इस

Read More »

संभल नमाज विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी

प्रयागराज। संभल नमाज विवाद को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन के फैसले पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं की जा सकती और कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य की जिम्मेदारी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि अधिकारी कानून व्यवस्था संभालने में सक्षम नहीं हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर तबादला करवा लेना चाहिए।  मामले की सुनवाई जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच कर रही है। संभल नमाज विवाद की सुनवाई में अदालत ने कहा कि राज्य का कर्तव्य है कि वह

Read More »