बदायूं- बदायूं डबल मर्डर केस में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। सीओ भी हटा दिए गए हैं। एक्स पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट कर कहा कि साजिश के हर पहलू की जांच होगी। बदायूं के एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में दो अधिकारियों उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या की सनसनीखेज घटना को प्लांट में फायरिंग को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार शाम मुख्यमंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है। वहीं, देर रात सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार को हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। राहुल पाण्डेय नए सीओ होंगे। इससे पहले शुक्रवार को एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को भी हटा दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए बरेली मंडलायुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह एसआईटी पूरे मामले की गहनता से जांच कर सच्चाई सामने लाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि घटना में शामिल आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। बावजूद इसके यदि जांच में किसी बड़ी साजिश या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो प्रदेश सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल के बायोगैस प्लांट में दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी की मां के नाम से संचालित राशन की दुकान का लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही गांव के बाहर बनी उसकी छह दुकानों व मकान पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है। रविवार या सोमवार को कार्रवाई हो सकती है।
शनिवार को दातागंज एसडीएम की टीम ने नापजोख कर आवश्यक कार्रवाई पूरी की। आरोपी अजय प्रताप सिंह की गांव के बाहर बक्सेना मार्ग पर छह दुकानें हैं। तहसील प्रशासन के मुताबिक, यह दुकानें सड़क पर गलत तरीके से बनी हैं। सड़क के चौड़ीकरण का काम होना है। इस कारण इन दुकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई होगी। इसके साथ ही कुछ अन्य लोगों के घर व दुकानों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
आरोपी के परिवार में तीन से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं। डीएम अवनीश राय ने कहा कि सभी शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला पूर्ति अधिकारी सतीश मिश्रा ने कहा कि आरोपी की मां किरन देवी के नाम से संचालित राशन की दुकान का लाइसेंस निरस्त हो गया है।
आंवला से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने वारदात को बेहद गंभीर बताते हुए इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की है। मामले में एक जाति विशेष के आरोपी की संलिप्तता और सुरक्षा के कड़े घेरे में आरोपी के संबंधियों की नियुक्ति जैसे कई बिंदु सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।





