दिल्ली लोकसभा सीटें परिसीमन के बाद बड़ा बदलाव, 100+ विधायक संभव

नई दिल्ली। दिल्ली लोकसभा सीटें परिसीमन के बाद देश की राजधानी में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार, दिल्ली में लोकसभा सीटें 7 से बढ़कर करीब 11 हो सकती हैं, जबकि विधानसभा में विधायकों की संख्या 100 के पार पहुंचने का अनुमान है। यह बदलाव देशभर में परिसीमन प्रक्रिया के तहत सीटों की संख्या बढ़ने के साथ जुड़ा है, जिसमें लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़कर 816 होने की संभावना है।

परिसीमन के बाद पूरे देश में संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों में बड़ा बदलाव होगा। लोकसभा सीटें: 543 से बढ़कर 816, महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें: 273, उत्तर प्रदेश में संभावित सांसद: करीब 120  इस बदलाव का सीधा असर दिल्ली जैसे बड़े शहरी क्षेत्र पर भी पड़ेगा। वर्तमान में दिल्ली में: लोकसभा सीटें: 7, विधानसभा सीटें: 70, परिसीमन के बाद: लोकसभा सीटें: करीब 11, विधानसभा सीटें: करीब 105  यानी लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है।

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महिला आरक्षण लागू होने के बाद: लोकसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, दिल्ली से कम से कम 4 महिला सांसद संसद पहुंच सकती हैं, विधानसभा में करीब 35 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी सरकार संसद के मौजूदा बजट सत्र में दो महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी में है:  नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन यह कानून महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देता है।

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परिसीमन अधिनियम में बदलाव इसके जरिए नए सिरे से सीटों का निर्धारण किया जाएगा  दोनों प्रक्रियाएं आपस में जुड़ी हैं, क्योंकि महिला आरक्षण लागू करने से पहले परिसीमन जरूरी है। सितंबर 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नारी शक्ति वंदन विधेयक को मंजूरी दी थी। यह कानून आधिकारिक रूप से संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के रूप में जाना जाता है।

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हालांकि, इसे लागू करने के लिए पहले परिसीमन प्रक्रिया पूरी होना अनिवार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, परिसीमन और महिला आरक्षण लागू होने के बाद: संसद और विधानसभा का प्रतिनिधित्व बदलेगा, महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बड़े राज्यों और शहरी क्षेत्रों का राजनीतिक वजन बढ़ेगा,  खास तौर पर दिल्ली लोकसभा सीटें परिसीमन के बाद राजधानी की राजनीति में नया संतुलन देखने को मिल सकता है।

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