पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ट्रंप ईरान सुप्रीम लीडर दावा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान उन्हें अपना अगला सुप्रीम लीडर बनाना चाहता था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और क्षेत्र में हमले तेज कर दिए हैं। ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में युद्धविराम के अमेरिकी प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
इसके बाद इजरायल और खाड़ी अरब देशों पर हमले तेज कर दिए गए। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। यह जवाबी कार्रवाई उस समय हुई जब इजरायल ने तेहरान पर हवाई हमले किए और अमेरिका ने क्षेत्र में पैराट्रूपर्स और मरीन सैनिकों की तैनाती बढ़ाई। हाल ही में आयोजित रिपब्लिकन कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया, “वे मुझे अगला सुप्रीम लीडर बनाना चाहते थे, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया।”
उन्होंने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन खुलकर कहने से डर रहा है। ट्रंप के मुताबिक, “उन्हें डर है कि उनके अपने लोग ही उन्हें मार देंगे या वे हमारे हाथों मारे जाएंगे।” इस दावे पर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। खबरों के अनुसार, अमेरिका ने युद्धविराम प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाया था। इस प्रस्ताव में कुल 15 बिंदु शामिल थे, जिनमें: प्रतिबंधों में राहत, परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना, मिसाइलों की सीमा तय करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना शामिल थे। ईरान के सरकारी समाचार प्रसारक प्रेस टीवी ने एक अधिकारी के हवाले से कहा कि “ईरान युद्ध तभी समाप्त करेगा जब उसकी शर्तें पूरी होंगी।”
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय समर्थन पर किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, जबकि ईरानी अधिकारियों ने इस दावे से इनकार किया है। ट्रंप ईरान सुप्रीम लीडर दावा और युद्धविराम पर टकराव ने पश्चिम एशिया की स्थिति को और जटिल बना दिया है। लगातार बढ़ते हमले, कूटनीतिक बयान और असहमति यह संकेत दे रहे हैं कि फिलहाल इस संघर्ष के जल्द खत्म होने की संभावना कम नजर आ रही है।






