नवनीत कुच्छल बोले-“ पांच साल तक स्मारक के लिए किया संघर्ष, दस्तावेज मेरे पास, मैं ही संयोजक, कुछ लोग स्मारक पर कब्जे की कोशिश में लगे
मुजफ्फरनगर। शहर के टाउनहाल परिसर में निर्माणाधीन महाराजा अग्रसैन स्मारक को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व सभासद और भाजपा नेता नवनीत कुच्छल ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग संयुक्त वैश्य अग्रवाल महासभा के नाम पर स्मारक निर्माण का श्रेय लेने और उस पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि स्मारक निर्माण की पूरी प्रक्रिया और अधिकृत जिम्मेदारी नगरपालिका के रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज है। उन्होंने ही समाज को ये अनोखी धरोहर देने के लिए संघर्ष किया, प्रयास किया और समाज के सहयोग से आज ये अपने अंतिम चरण में आया तो कुछ सामाजिक ठेकेदार यहां अपने कब्जा जमाने के लिए समाज को गुमराह कर उनको बदनाम करने का काम करने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि रविवार सुबह पूर्व विधायक अशोक कंसल, व्यापारी नेता संजय मित्तल, सुनील सिंघल, सभासदपति शोभित गुप्ता, दिनेश बंसल और विश्वदीप गोयल समेत कई लोग टाउनहाल में निर्माणाधीन महाराजा अग्रसैन स्मारक पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने नवनीत कुच्छल द्वारा लगाए गए “प्रतिमा स्मारक संयोजक” बोर्ड पर आपत्ति जताते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल से फोन पर शिकायत भी की। इस दौरान संजय मित्तल ने मीडिया को दिये बयान में नवनीत कुच्छल पर गंभीर आरोप लगाये और निंदा की।

इसको लेकर ही पूर्व सभासद नवनीत कुच्छल ने दावा किया कि वर्ष 2021 से उन्होंने समाज के सहयोग से महाराजा अग्रसैन स्मारक निर्माण की पहल शुरू की थी। 6 जुलाई 2021 को तत्कालीन चेयरमैन अंजू अग्रवाल के नेतृत्व वाले नगरपालिका बोर्ड की बैठक में उनके प्रस्ताव संख्या 471/8 के तहत टाउनहाल परिसर में स्मारक निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसके बाद स्मारक के लिए नगरपालिका की ओर से बजट जारी करते हुए एक प्लेटफार्म तैयार कराया गया और राज्य सरकार से प्रतिमा स्थापना की मंजूरी लेने के प्रयास शुरू हुए।

उन्होंने बताया कि मंत्री कपिल देव अग्रवाल के प्रयासों से 25 अक्टूबर 2024 को संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश ने प्रतिमा स्थापना की स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए संस्कृति विभाग से जारी पत्र संख्या 3087-4-2024 उनके पास शासन की स्वीकृति के रूप में मौजूद है। बाद समाज के लोगों से चंदा एकत्र कर जयपुर में नौ कुंतल वजनी अष्टधातु की विशाल प्रतिमा तैयार कराई गई। पुराने प्लेटफार्म को तोड़े जाने पर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिमा का वजन लगभग 900 किलो होने के कारण इंजीनियरों ने पुराने ढांचे को तकनीकी रूप से कमजोर बताया था। इसी वजह से नया और मजबूत प्लेटफार्म तैयार कराया गया।
नवनीत कुच्छल के अनुसार मौजूदा चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप का भी इसमें सहयोग मिला और उनके कार्यकाल में 3 जून 2025 को हुई नगरपालिका बोर्ड बैठक में “महाराजा अग्रसैन स्मारक समिति” को स्मारक निर्माण एवं देखरेख की जिम्मेदारी उनके संयोजन में सौंपी गई थी। इसके बाद 5 जुलाई 2025 को अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह द्वारा समिति के नाम स्वीकृति पत्र भी जारी किया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित सभी दस्तावेज नगरपालिका रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं। इसमें स्मारक समिति का संयोजक उनको ही बताया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक कंसल, संजय मित्तल, सुनील सिंघल समेत कुछ लोग बिना किसी सहयोग और योगदान के केवल शिलापट्ट पर नाम दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं। कुच्छल ने कहा कि समाज का पैसा स्मारक निर्माण में लगाया गया है और पूरा कार्य समिति के संयोजन में हुआ है। नवनीत कुच्छल ने कहा कि शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन महाराजा अग्रसैन जयंती पर स्मारक का लोकार्पण कराने की योजना है। साथ ही उन्होंने विरोध करने वाले लोगों को समाज के बीच बेनकाब करने की चेतावनी भी दी। उनका कहना है कि समाज को जानकारी देने के लिए वो जल्द ही दस्तावेजों के साथ मीडिया के सहारे अपनी बात को और मुखर तरीके से रखेंगे ताकि ऐसे लोगों की साजिश को समाज में ओर जनता के बीच बेनकाब किया जा सके।






