उत्तराखंड सरकार के खिलाफ भाकियू ने वापस ली महापंचायत

लाठीचार्ज प्रकरण पर भाकियू और सरकार में बनी सहमति, स्मार्ट मीटर पर नहीं होगी जबरदस्ती, मासिक किसान दिवस का होगा आयोजन

देहरादून/मुजफ्फरनगर। बहादराबाद टोल पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और किसानों पर लाठीचार्ज प्रकरण के बाद उपजे विवाद ने आखिरकार संवाद के जरिए सुलह का रास्ता निकाल लिया। भाकियू (टिकैत) के पदाधिकारियों और उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच हुई बैठक में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। सरकार ने किसान हितों को सर्वाेपरि मानते हुए त्वरित निर्णय लिए, वहीं भाकियू ने प्रस्तावित महापंचायत और धरना वापस लेकर आंदोलन को विराम दिया।
उत्तराखंड के बहादराबाद टोल पर हुए लाठीचार्ज प्रकरण और किसानों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद भाकियू ने 28 अगस्त को प्रस्तावित महापंचायत को वापस ले लिया। साथ ही, बहादराबाद टोल प्लाजा पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना भी समाप्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि किसान हितों में सभी आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे। लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने इंस्पेक्टर एनएस राठौर का तत्काल तबादला चमोली कराया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने फोन पर बताया कि सरकार और किसानों के बीच बातचीत के बाद सभी विवादित मुद्दों पर समझौता हो गया है। अब बहादराबाद टोल पर कोई पंचायत नहीं होगी। इस सहमति के साथ ही भाकियू ने स्पष्ट किया कि किसानों की आवाज उठाने का सिलसिला जारी रहेगा, मगर संवाद और समाधान की राह ही उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।

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भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की ओर से मुख्यमंत्री धामी को तीन ज्ञापन सौंपे। इनमें प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईंकृउत्तर प्रदेश की तर्ज पर प्रत्येक माह किसान दिवस का आयोजन कर किसान समस्याओं का त्वरित निस्तारण। किसानों ने कहा कि स्मार्ट मीटर पूंजीवाद को बढ़ावा देते हैं और आम जनता पर बोझ डालते हैं। इन्हें लगाने की बजाय स्वेच्छा की व्यवस्था लागू हो।

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कृषि कार्य हेतु बिजली निःशुल्क की जाए, अन्य उपयोग की बिजली दरें कम हों, अतिरिक्त सरचार्ज हटाए जाएं, खंभों/टावरों के नीचे की जमीन का उचित किराया दिया जाए, किसानों को पूर्व की तरह 3 एचपी कनेक्शन मिले और फसल को होने वाले नुकसान का मुआवजा दर बढ़ाया जाए। सीएम धामी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में उत्तराखंड प्रभारी ऊषा तोमर, एसकेएम प्रतिनिधि सुब्बा सिंह ढिल्लो, युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह (जीतू), गढ़वाल मंडल प्रभारी संजय चौधरी, वेस्ट यूपी महासचिव योगेश शर्मा, हरिद्वार जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री, पौड़ी जिलाध्यक्ष कलम सिंह नेगी, सहारनपुर जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी, पुरकाजी ब्लॉक अध्यक्ष मोनू प्रधान और केंद्रीय कार्यालय प्रभारी अर्जुन बालियान मौजूद रहे।

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