नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की पहल पर विशेष सफाई टीमों ने संभाला मोर्चा, यात्रा के साथ-साथ चलता रहा स्वच्छता अभियान
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर शहर में भगवान श्री बालाजी जयंती के अवसर पर निकली भव्य शोभायात्रा केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं रही, बल्कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता का भी सशक्त संदेश देने वाली साबित हुई। नगर में इतने बड़े स्तर पर निकलने वाली इस श्री बालाजी शोभायात्रा को नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की स्वच्छता के प्रति प्रेरक पहल और संकल्प को लेकर ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ बनाने का एक सार्थक प्रयास किया गया, जिसमें नगरपालिका की स्वच्छता टीम के साथ ही अधिकारियों और निजी क्षेत्र की कंपनी जेएस एनवायरो सर्विसेज की सक्रिय भूमिका देखने को मिली।

शहर भर में गुरुवार को निकली भगवान बालाजी की भव्य शोभायात्रा के दौरान नगरपालिका परिषद की ओर से अभूतपूर्व सफाई व्यवस्था देखने को मिली। अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के मार्गदर्शन में अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने विशेष टीमों का गठन कर शोभायात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी सुनिश्चित की। इस दौरान व्यवस्था ऐसी बनाई गई कि शोभायात्रा के अंतिम छोर से ही सफाई कार्य तुरंत शुरू हो जाए। सड़कों, नालों और नालियों में प्रसाद, भंडारों और खाद्य स्टॉल से उत्पन्न कचरे को तत्काल उठाने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया। सफाई कर्मचारी शोभायात्रा के साथ-साथ चलते हुए मार्ग को साफ करते रहे, जिससे पूरे आयोजन के दौरान स्वच्छता बनी रही।

नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने इस सम्बंध में कहा कि शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ स्वच्छता को जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा में त्वरित सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों को साथ-साथ लगाना एक नई पहल है, जिससे न केवल शहर साफ-सुथरा बना रहता है, बल्कि नागरिकों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी नगर के सभी बड़े आयोजनों को ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ बनाने की दिशा में इसी प्रकार की व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। साथ ही उनके द्वारा लोगों को क्लीन सिटी-ग्रीन सिटी की परिकल्पना को पूर्ण करने के लिए स्वच्छता को दिनचर्या बनाकर इसमें श्रमदान करने के लिए प्रेरित किया।
अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि शोभायात्रा को ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ बनाने के लिए पूर्व में ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे। इनका पालन सुनिश्चित करने के लिए बैठक आयोजित कर कार्ययोजना तैयार की गई और विभिन्न टीमों को जिम्मेदारी दी गई। नगरपालिका की ओर से इस कार्य के लिए क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया टीम) के साथ-साथ अन्य सफाई कर्मियों को भी लगाया गया। सफाई निरीक्षकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी ताकि किसी भी स्थान पर कचरा जमा न हो। नगरपालिका के साथ डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य कर रही निजी कंपनी जेएस एनवायरो सर्विसेज प्रा. लि. को भी इस अभियान में शामिल किया गया।
जेएस एनवायरो ने लगाये 80 वाहन, 200 कर्मचारी-हाथों-हाथ सफाई
कंपनी के प्रोजेक्ट हेड नीतेश चौधरी के अनुसार सुबह छह बजे से ही सफाई टीमों को सक्रिय कर दिया गया था। दिन और रात की 12-12 घंटे की शिफ्ट में 40-40 टिपर गारबेज वाहनों को लगाया गया, जिनमें प्रत्येक वाहन पर दो कर्मचारी तैनात रहे। ये वाहन शोभायात्रा मार्ग के विभिन्न बिंदुओं पर तैनात होकर यात्रा के गुजरते ही सफाई कार्य करते रहे।
इसके अतिरिक्त सुपरवाइजरों की टीम लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर सफाई व्यवस्था की निगरानी करती रही। जगह-जगह आयोजित भंडारों और खाद्य सामग्री वितरण केंद्रों से निकलने वाले कचरे को तुरंत हटाया गया, जिससे मार्ग पूरी तरह स्वच्छ बना रहा। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय प्रताप शाही के नेतृत्व में मुख्य सफाई निरीक्षक योगेश कुमार के साथ ही पालिका के सफाई निरीक्षक प्लाक्षा मैनवाल और वैशाली सोती को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखी।






