चौधरी चरण सिंह परिवार टिप्पणी विवाद को लेकर मुजफ्फरनगर में सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया है। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप के बाद रालोद कार्यकर्ताओं और जाट समाज के लोगों ने अलग-अलग थानों में तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विवाद का केंद्र एक फेसबुक लाइव वीडियो को बताया जा रहा है। रालोद नेताओं का आरोप है कि 1 अप्रैल 2026 को एक फेसबुक पेज से करीब 30 मिनट का लाइव प्रसारित किया गया, जिसमें भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के परिवार और उनके राजनीतिक उत्तराधिकारियों को लेकर अमर्यादित और भड़काऊ बातें कही गईं।
यहीं से मामला सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट का नहीं रहा। चौधरी चरण सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति और किसानों की राजनीति में गहरी भावनात्मक पहचान रखते हैं। इसलिए आरोप सामने आते ही प्रतिक्रिया भी तेज हो गई।
30 मिनट के लाइव पर बवाल, कई थानों में दी गई तहरीर
रालोद नेताओं और समाज के लोगों का कहना है कि वीडियो सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों में तेजी से फैल गया। इसके बाद मुजफ्फरनगर में नाराजगी खुलकर सामने आई। नगर कोतवाली, सिविल लाइन और नई मंडी थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की गई।
आरोप राम अवतार पलसानिया पर लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कथित बयानबाजी ने न सिर्फ एक बड़े किसान नेता के परिवार को निशाना बनाया, बल्कि क्षेत्रीय सामाजिक संतुलन को भी प्रभावित करने की कोशिश की है।
रालोद ने कहा- कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा
रालोद पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि चौधरी चरण सिंह करोड़ों किसानों की आस्था के प्रतीक हैं। उनका कहना है कि परिवार और राजनीतिक विरासत पर कथित अमर्यादित टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।






