करीब सवा करोड़ की लागत से हुआ जीर्णाेद्धार, जनसभा में मुख्यमंत्री ने देवी होल्कर को बताया त्याग और प्रेरणा की प्रतीक
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को सहेजते हुए अहिल्याबाई होल्कर स्मारक का नवनिर्माण और सौन्दर्यकरण पूरा कर लिया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मारक का अनावरण करते हुए इसे देश की विरासत और प्रेरणा का प्रतीक बताया।
अहिल्याबाई होल्कर स्मारक के नवनिर्माण, जीर्णाेद्धार और सौन्दर्यकरण कार्य पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका भव्य अनावरण किया। नगरपालिका द्वारा करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से इस स्मारक को नया रूप दिया गया है, जो अब क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को और सुदृढ़ करता है। मुख्यमंत्री के आगमन पर जनता में भारी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने मौके पर उपस्थित लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और लगभग पांच मिनट तक वहां रुककर कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर की नवीन प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा पुष्प वर्षा भी की गई।

नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए उन्हें अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जनसमूह ने योगी-योगी के नारों के साथ अपना उत्साह व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर स्मारक का लोकार्पण किया और प्रतिमा का औपचारिक अनावरण किया। यहां पर मुख्य रूप से केन्द्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, मंत्री कपिल देव अग्रवाल, प्रभारी मंत्री सोमेन्द्र तोमर, पूर्व मंत्री डॉ. संजीव बालियान, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, गौरव स्वरूप, विकल्प जैन, उमेश पाल, अरविन्द धनगर, नन्द किशोर पाल, डॉ. देशबंधु तोमर, शिव कुमार धनगर, दर्शन सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। व्यवस्था बनाने के लिए डीएम उमेश मिश्रा, एसएसपी संजय वर्मा, पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह सहित अन्य अधिकारी
स्मारक के अनावरण के पश्चात मुख्यमंत्री नुमाइश मैदान में आयोजित जनसभा में पहुंचे, जहां उन्होंने इस भव्य निर्माण कार्य की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने शुकतीर्थ की भूमि को त्याग, बलिदान और प्रेरणा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने हर कठिन समय में देश के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे अपना सौभाग्य बताया कि उन्हें इस पावन भूमि पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि मुगल काल की चुनौतियों के बावजूद अहिल्याबाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ सहित कई प्रमुख तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण में अहम योगदान दिया। उनके शासन को न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल माना जाता है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उनकी 350वीं जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। साथ ही उनकी स्मृति में श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें से 14 वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। यह आयोजन न केवल ऐतिहासिक स्मृति को सहेजने का प्रयास रहा, बल्कि क्षेत्र में सांस्कृतिक जागरूकता और गौरव की भावना को भी मजबूत करता नजर आया।






