तकनीकी रूप से और सशक्त हुई मुजफ्फरनगर पुलिस

अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं ने प्रशस्ति पत्र से किया सम्मानित, आरक्षी शुभम को मिला नगद पुरस्कार

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में एमएएफआईएस प्रणाली के तहत अपराधियों के डाटा संकलन में मुजफ्फरनगर पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

दण्ड प्रक्रिया अधिनियम, 2022 के तहत उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में एमएएफआईएस (मोबाइल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) सेल का गठन किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से अपराधियों के अंगुली चिन्ह सहित महत्वपूर्ण डाटा का संकलन और संरक्षण किया जाता है, जो अपराध नियंत्रण में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रहा है।

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जनपद मुजफ्फरनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण में गठित एमएएफआईएस सेल ने वर्ष 2025 में उत्कृष्ट कार्य किया। सेल द्वारा पीएफआईएस-3 श्रेणी के अंतर्गत शत-प्रतिशत अपराधियों का डाटा संकलित कर अंगुली चिन्हों की सफल फीडिंग सुनिश्चित की गई।
इस उपलब्धि के परिणामस्वरूप मुजफ्फरनगर पुलिस ने पीएफआईएस-3 श्रेणी में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दक्षता को दर्शाती है, बल्कि अपराध नियंत्रण के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है।

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उल्लेखनीय कार्य के लिए अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं मुख्यालय, उत्तर प्रदेश नवीन अरोरा द्वारा मुजफ्फरनगर पुलिस को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही एमएएफआईएस सेल में तैनात आरक्षी शुभम कुमार को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस सफलता को पुलिस विभाग में तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे भविष्य में अपराधों की रोकथाम और जांच प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।

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