मरीजों और तीमारदारों से की सीधी बातचीत, भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सालय में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। करीब साढ़े बारह बजे हुए इस औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने आधी रात अस्पताल पहुंचकर जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जानी तथा खामियों पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, शौचालयों और परिसर की साफ-सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों से उपचार, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल कर्मचारियों के व्यवहार के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान कई मरीजों और तीमारदारों ने अपनी समस्याएं भी उनके सामने रखीं। मंत्री ने अस्पताल परिसर स्थित रैन बसेरे में जाकर तीमारदारों से भी बातचीत की और उनकी परेशानियां सुनीं। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर एक ही बेड पर दो से तीन लोग लेटे हुए थे। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
मीडिया कर्मियों से बातचीत में कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। कभी मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे मांगने, कभी दवाइयां उपलब्ध न होने और कभी डॉक्टरों व कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों की सत्यता परखने के लिए उन्होंने आधी रात को औचक निरीक्षण करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आईं, उन्हें तत्काल दूर करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार या मरीजों के शोषण की शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रही है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सम्मानजनक व्यवहार मिलना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि अस्पताल में कोई कर्मचारी या अधिकारी किसी प्रकार की अवैध धनराशि की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल उन्हें या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना नहीं, बल्कि आम लोगों को यह विश्वास दिलाना भी है कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।






