मुजफ्फरनगर-ऑन-ड्यूटी ट्रैफिक होमगार्ड ने गंगनहर में लगाई छलांग

भोपा नहर पुल की घटना, वर्दी में पहुंचे जवान की तलाश में जुटी एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम, विभाग में मचा हड़कंप

मुजफ्फरनगर। जिला मुख्यालय के ट्रैफिक विभाग में तैनात एक होमगार्ड ने बुधवार दोपहर भोपा थाना क्षेत्र के गंगनहर पुल से पानी में छलांग लगा दी। घटना के वक्त जवान ऑन-ड्यूटी था और पुलिस की वर्दी पहने हुए था। वर्दीधारी जवान के नहर में कूदने की खबर से पुलिस प्रशासन और होमगार्ड विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय पुलिस, गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम को तत्काल राहत एवं खोज कार्य के लिए मौके पर तैनात किया गया है।

इसे भी पढ़ें:  MUZAFFARNAGAR--रोहाना टोल कब्जाने पर भाकियू नेताओं पर मुकदमा दर्ज

यह घटना दोपहर लगभग 1.15 बजे की है। भोपा नहर पुल पर तैनात अन्य सुरक्षाकर्मियों ने एक वर्दीधारी व्यक्ति को अचानक गंगनहर में कूदते हुए देखा। ड्यूटी पर मौजूद एक होमगार्ड ने तुरंत इस अप्रत्याशित घटना की सूचना दूरभाष के माध्यम से स्थानीय थाने को दी। सूचना मिलते ही भोपा थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से मिले दस्तावेजों और सामान के आधार पर नहर में कूदने वाले जवान की पहचान होमगार्ड संख्या 163, आनंद के रूप में हुई है। आनंद रामपुर तिराहा का निवासी है। वर्तमान में उसकी तैनाती कंपनी ए नगर में थी और वह शहर की यातायात व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहा था।

इसे भी पढ़ें:  मेरठ देशी शराब के बाद 3 मौतें, ठेके से 2 लोग हिरासत में

घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) भोपा भी प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंच गए। जवान के आत्मघाती कदम उठाने की खबर मिलते ही उसके परिवार के लोग भी रोते-बिलखते गंगनहर पटरी पर पहुंच गए। इस दौरान पुल और गंगनहर के आसपास भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आनंद ने यह कदम किन कारणों से उठाया, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल प्राथमिकता जवान को सुरक्षित बाहर निकालने की है। इसके लिए एसडीआरएफ की विशेष टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगनहर में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि खोज कार्य की प्रगति और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों से समय-समय पर अवगत कराया जाएगा।

इसे भी पढ़ें:  आर्य समाज वैदिक संस्कृति, राष्ट्रभावना और सामाजिक एकता का संगमः गौरव स्वरूप
Share This Article