भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में मुजफ्फरनगर की मजबूत भागीदारी

डॉ. संजीव बालियान, रामकुमार सहरावत और डॉ. सुभाष चंद शर्मा को मिली प्रदेश संगठन में जगह, कपिल देव अग्रवाल विशेष आमंत्रित सदस्य बने

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा के साथ ही मुजफ्फरनगर के चार नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी मिली है। जिले के नेताओं को प्रदेश स्तर पर स्थान मिलने से भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार सहरावत और पूर्व चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद शर्मा को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नियुक्त किया गया है।

इन नियुक्तियों के जरिए जिले के अनुभवी नेताओं को प्रदेश संगठन में प्रतिनिधित्व मिला है। इनमें रामकुमार सहरावत का नाम विशेष रूप से चर्चा में है। बुढ़ाना क्षेत्र के गांव गढ़ी सखावत निवासी सहरावत लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में युवा मोर्चा से लेकर जिला और क्षेत्रीय स्तर तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं।

इसे भी पढ़ें:  बीएसए कार्यालय में पूर्व विधायक उमेश मलिक का हंगामा, वीडियो हुआ वायरल

रामकुमार सहरावत ने 20 जनवरी 1994 को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। उन्होंने इस दिन बुढ़ाना क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की जनसभा का आयोजन कराया था और इसी सभा में वह पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने संगठन में 32 साल लगातार काम किया। वर्ष 1994 में ही उन्हें भाजपा युवा मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया गया। इस पद पर उन्होंने दो बार कार्य किया। वर्ष 1996 में भाजपा ने उन्हें बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया। इसके बाद वर्ष 1998 में उन्हें जिला कमेटी में महामंत्री की जिम्मेदारी मिली। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए वर्ष 2000 में उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया गया। इस प्रकार शुरुआती वर्षों में ही उन्होंने पार्टी संगठन में अपनी मजबूत पहचान बनाई।

इसे भी पढ़ें:  बुढ़ाना की बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर चलती कार में काटा मां का गला

तीन दशकों से ज्यादा समय पार्टी को देने वाले रामकुमार के गांव में जश्न

रामकुमार सहरावत को वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दोबारा बुढ़ाना सीट से चुनाव लड़ने का अवसर दिया। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन पार्टी में उनकी भूमिका बनी रही। इसी वर्ष उन्हें फिर से जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कैराना संसदीय क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया। इस चुनाव में उन्होंने संगठन के स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भाजपा प्रत्याशी बाबू हुकुम सिंह की जीत में उनके संगठनात्मक प्रयासों को भी अहम माना गया। वर्ष 2017 में रामकुमार सहरावत को भाजपा किसान मोर्चा का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद उन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र में निदेशक की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2023 में वह भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। करीब तीन दशक से भाजपा में सक्रिय सहरावत ने विभिन्न पदों पर रहते हुए संगठनात्मक कार्यों में भागीदारी की है। अब प्रदेश कार्यसमिति में उनकी नियुक्ति को पार्टी में उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। संगठन के अलग-अलग स्तरों पर काम करने का अनुभव अब उनके लिए प्रदेश कार्यसमिति में उपयोगी साबित हो सकता है।

इसे भी पढ़ें:  मुठभेड़ में 15 हजार का इनामी बदमाश घायल, गिरफ्तार
Share This Article