सहारनपुर। सहारनपुर पूनम मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अंबेहटा पीर में हुई इस वारदात के पीछे कोई बाहरी गैंग नहीं, बल्कि मृतका का परिचित पड़ोसी ही शामिल निकला। आरोप है कि पड़ोसी ने अपने साथी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और पहचान खुलने के डर से पूनम मित्तल की हत्या कर दी। एक आरोपी को पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया, जबकि दूसरे को मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में दबोचा गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकुर गुप्ता और सलमान के रूप में हुई है। सलमान पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद पकड़ा गया। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने लूट के इरादे से कारोबारी संजय मित्तल के घर में प्रवेश किया था। वारदात के बाद आरोपियों ने पूनम मित्तल के कानों के कुंडल भी ले लिए थे।
भरोसे का फायदा उठाकर घर में घुसने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि अंकुर गुप्ता मृतका के परिवार को जानता था। इसी पहचान का फायदा उठाकर आरोपियों ने घर में प्रवेश की योजना बनाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, वारदात वाले दिन आरोपियों ने गेंद गिरने का बहाना बनाया और दरवाजा खुलवाया। पहचान होने के कारण पूनम मित्तल ने बिना किसी बड़े शक के दरवाजा खोल दिया। इसके बाद दोनों आरोपी घर के अंदर पहुंच गए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी घर में नकदी और जेवर की तलाश में थे। जब उन्हें उम्मीद के मुताबिक पैसा या सामान नहीं मिला, तो उन्होंने महिला के कानों के कुंडल निकालने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, विरोध करने और पहचान उजागर होने की आशंका में आरोपियों ने महिला पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
कर्ज उतारने के लिए रची गई थी साजिश
पुलिस के अनुसार, अंकुर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उस पर कर्ज था और उसने अपने साथी सलमान से भी करीब डेढ़ लाख रुपये उधार ले रखे थे। इसी दबाव में उसने लूट की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को लगा था कि संजय मित्तल के घर से बड़ी रकम या जेवर मिल जाएंगे, जिससे कर्ज उतारा जा सकेगा।
लेकिन लूट की यह योजना हत्या में बदल गई। आरोपियों को डर था कि पूनम मित्तल उन्हें पहचान चुकी हैं। इसी डर ने वारदात को और गंभीर बना दिया। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि घटना से पहले आरोपियों ने घर की रेकी की थी या नहीं और क्या किसी और व्यक्ति को इस योजना की जानकारी थी।
हत्या के बाद भीड़ में शामिल रहा आरोपी
वारदात के बाद अंबेहटा क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। व्यापारियों ने घटना के विरोध में नाराजगी जताई और पुलिस से जल्द खुलासे की मांग की। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि मुख्य आरोपी अंकुर गुप्ता घटना के बाद खुद को बचाने के लिए लोगों के बीच मौजूद रहा। वह प्रदर्शन और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करने वालों के साथ दिखा, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
यही बात पुलिस के शक को और गहरा करने वाली रही। तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने अंकुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने साथी सलमान का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने सलमान की तलाश शुरू की।
मुठभेड़ में घायल हुआ सलमान
पुलिस टीम ने सलमान की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान मुठभेड़ में सलमान के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से जेवर और हथियार बरामद होने का दावा किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने वारदात का खुलासा किया।
इस केस ने पूरे अंबेहटा और सहारनपुर के व्यापारी समाज को झकझोर दिया है। एक परिचित और पड़ोसी पर ही हत्या का आरोप लगने से लोगों में हैरानी और गुस्सा दोनों है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर घरों में परिचित के नाम पर भी खतरा छिपा हो, तो सुरक्षा का भरोसा कहां बचेगा?
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है। पुलिस बरामद सामान, हथियार और तकनीकी साक्ष्यों को केस से जोड़कर आगे की कार्रवाई कर रही है।






