सहारनपुर। सहारनपुर ATS कार्रवाई के तहत यूपी एटीएस और पंजाब एसटीएफ की संयुक्त टीम ने देवबंद कोतवाली क्षेत्र के गांव बचीटी में देर रात दबिश देकर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि युवक का कनेक्शन पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध लोगों तक पहुंचता है। मामला मोहाली में सामने आए संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल और पुराने ब्लास्ट कनेक्शन की जांच से जुड़ा बताया जा रहा है।
हिरासत में लिए गए युवक की पहचान मोहत्सीम उम्र करीब 32 वर्ष, निवासी बचीटी, देवबंद के रूप में बताई जा रही है। एजेंसियों के अनुसार, कार्रवाई गुरुवार देर रात करीब 1.30 बजे की गई। टीम ने गांव में पहुंचकर युवक को हिरासत में लिया और उसके पास से कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी कब्जे में लिए। इन उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
WhatsApp OTP और तकनीकी पहुंच की जांच
जांच एजेंसियों को शक है कि मोहत्सीम ने अपने WhatsApp अकाउंट से जुड़ी तकनीकी जानकारी और OTP पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध हैंडलरों को उपलब्ध कराए थे। एजेंसियों का दावा है कि इसी तकनीकी पहुंच के जरिए भारत में अलग-अलग लोगों को संदेश भेजे गए और नेटवर्क को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी सुरक्षा एजेंसियों की ओर से सीमित जानकारी ही सार्वजनिक की गई है। जांच जारी है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की रिपोर्ट आने के बाद नेटवर्क की असली परतें सामने आ सकती हैं।
मोहाली केस की जांच से देवबंद तक पहुंची टीम
मामला पंजाब के मोहाली से जुड़े आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान देवबंद तक पहुंचा। पंजाब पुलिस की SSOC मोहाली टीम ने हाल में दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर RDX आधारित IED बरामद करने का दावा किया था। सार्वजनिक रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनी सिंह और अभिषेक कुमार के रूप में हुई थी और पंजाब पुलिस ने इसे विदेशी हैंडलर से जुड़े नेटवर्क की कड़ी बताया था।
इसी जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पंजाब एसटीएफ ने यूपी एटीएस से संपर्क किया। इसके बाद संयुक्त टीम देवबंद पहुंची और बचीटी गांव में कार्रवाई की गई। पंजाब पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि संदिग्धों का संपर्क सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप के जरिए बनाया गया था।
मनी सिंह की पूछताछ से मिला इनपुट
जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार, पंजाब में पकड़े गए मनी सिंह ने पूछताछ के दौरान देवबंद के मोहत्सीम का नाम लिया। बताया जा रहा है कि मनी सिंह और मोहत्सीम का संपर्क एक संदिग्ध गैंगस्टर नेटवर्क के जरिए हुआ था। दोनों के बीच इंस्टाग्राम और एक मैसेजिंग एप के माध्यम से बातचीत होने की बात सामने आई है।
एजेंसियों का आरोप है कि मनी सिंह और मोहत्सीम को मोहाली में विस्फोट की साजिश से जुड़ा टारगेट दिया गया था। इसी इनपुट को गंभीर मानते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने देवबंद में दबिश दी। फिलहाल इस दावे की आगे जांच की जा रही है और आधिकारिक स्तर पर विस्तृत खुलासा अभी बाकी है।
2022 के मोहाली हमले से जुड़ रही जांच की कड़ी
मोहाली का मामला राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए पहले से संवेदनशील रहा है। मई 2022 में मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस मुख्यालय पर RPG यानी रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड से हमला हुआ था। उस घटना के बाद पंजाब सहित कई राज्यों में संदिग्ध नेटवर्क की जांच तेज की गई थी।
अब ताजा कार्रवाई में देवबंद का नाम सामने आने से जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हिरासत में लिया गया युवक केवल तकनीकी मदद तक सीमित था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। उसके मोबाइल, डिजिटल अकाउंट, चैट हिस्ट्री और संपर्कों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गांव में चर्चा, एजेंसियां चुप्पी साधे हुए
बचीटी गांव में देर रात हुई कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय स्तर पर यह भी बताया जा रहा है कि हिरासत में लिया गया युवक मौजूदा ग्राम प्रधान का भाई है और देवबंद कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर रहा है। हालांकि, उसके पुराने मामलों का इस जांच से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल इस मामले में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक करने से बच रही हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ और डिजिटल जांच के आधार पर आगे कुछ और लोगों से भी पूछताछ हो सकती है। जांच का दायरा देवबंद से आगे दूसरे राज्यों तक भी बढ़ सकता है।






