गन्ना मूल्य घोषित करने में देरी पर भाकियू अराजनैतिक ने जताई नाराजगी

चीनी मिलों के गन्ना क्षेत्रफल में कटौती और आवंटन में गड़बड़ी की जांच की मांग, बकाया भुगतान पर ब्याज दिलाने का मुद्दा भी उठाया

लखनऊ। गन्ना मूल्य घोषित करने में हो रही देरी और गन्ना आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने प्रदेश सरकार के समक्ष किसानों की समस्याएं उठाई हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग वीणा कुमारी से मुलाकात कर गन्ना मूल्य जल्द घोषित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना सुरक्षण आदेश में बदलाव करने और सरकारी व सहकारी चीनी मिलों के गन्ना क्षेत्रफल में कथित तौर पर की गई कटौती की जांच कराने की मांग भी की।

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संगठन ने बिजनौर के किसानों की ओर से शपथ पत्र दिए जाने के बावजूद गन्ना आवंटन में कथित गड़बड़ियों का मामला उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से सरकारी और सहकारी चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्रफल कम किया गया है, जिससे निजी चीनी मिलों को लाभ पहुंचने की आशंका है। किसान नेताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने सरकारी चीनी मिलों के गन्ना क्षेत्रफल में कटौती को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी सरकारी मिलों को बंद कराने की साजिश में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की। संगठन का कहना है कि सरकारी और सहकारी चीनी मिलों के हितों की अनदेखी से किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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प्रतिनिधिमंडल ने किसानों के गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। किसान नेताओं ने मांग की कि किसानों को उनका बकाया भुगतान जल्द कराया जाए और नियमानुसार ब्याज भी दिलाया जाए, ताकि आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे किसानों को राहत मिल सके। इसके साथ ही गन्ने का मूल्य जल्द घोषित करने पर जोर देते हुए कहा गया कि किसानों को अपनी फसल की कीमत और भुगतान को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए।

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बैठक में सिंभावली चीनी मिल के शेष 10 क्रय केंद्रों का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने इन क्रय केंद्रों को हटाने की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था से किसानों को नुकसान हो रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना सुरक्षण आदेश में आवश्यक बदलाव करने और गन्ना आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की जरूरत बताई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक के अनुसार, बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर जांच कराने और गन्ना मूल्य जल्द घोषित करने का आश्वासन दिया गया है। संगठन ने किसानों के हितों से जुड़े इन मामलों के समाधान की मांग की है।

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