लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने में मनमानी रोकने के उद्देश्य से नियम बदलने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 की बैठक के एजेंडे में पंचायती राज अधिनियम में संशोधन और सामान्य निवास से जुड़ी नई नियमावली के प्रस्ताव शामिल हैं। इन्हें अभी मंजूर फैसला या लागू नियम नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में पांच कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर बैठक के लिए सुबह 11 बजे का समय बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट के सामने विभिन्न विभागों के 21 से अधिक प्रस्ताव रखे जाने हैं।
शिक्षा कार्मिकों के कैशलेस इलाज का प्रस्ताव
माध्यमिक और बेसिक शिक्षा से जुड़े नियमित तथा संविदा कार्मिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है। रिपोर्ट में संभावित लाभार्थियों की संख्या करीब पौने दो लाख बताई गई है।
प्रस्ताव में सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों, बेसिक शिक्षा के संबंधित संस्थानों तथा समग्र शिक्षा परियोजना से जुड़े शिक्षणेत्तर कार्मिकों का उल्लेख है। पात्रता और सुविधा का अंतिम दायरा स्वीकृत प्रस्ताव तथा संबंधित आदेश से स्पष्ट होगा।
अस्पताल, साइबर सुरक्षा और रोबोटिक्स पार्क भी एजेंडे में
अन्य प्रस्तावों में 200 बेड वाले चार अस्पतालों का सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मोड पर संचालन शामिल है। आईआईटी कानपुर के माध्यम से उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना और प्रदेश में रोबोटिक्स पार्क बनाने का प्रस्ताव भी बताया गया है।
उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के साथ आवास, नगर विकास, परिवहन, न्याय, पशुधन, सहकारिता और अन्य विभागों के प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल बताए गए हैं।
