शाहपुर पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई, आरोपियों के पास से नकदी, फर्जी आईडी और दस्तावेज बरामद
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर की शाहपुर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले का खुलासा करते हुए ऐसे गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को फर्जी कस्टम और CBI अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने एक युवती को कार्रवाई का भय दिखाकर कई किश्तों में करीब 5 लाख रुपये वसूल लिए थे। शाहपुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हजूरनगर मार्ग से गिरफ्तार किया।
4 अप्रैल को दर्ज हुई थी शिकायत
मामले की शुरुआत 4 अप्रैल 2026 को हुई थी। पुलिस के अनुसार, इकरा, निवासी हजूरनगर, ने शिकायत दर्ज कराई कि सोशल मीडिया एप के जरिए संपर्क में आए एक युवक ने खुद को कस्टम और CBI से जुड़ा अधिकारी बताकर उसे ब्लैकमेल किया। शिकायत में कहा गया कि युवती को डराकर अलग-अलग किश्तों में उससे करीब 5 लाख रुपये वसूले गए।
पहले भरोसा जीता, फिर फर्जी कार्रवाई का डर दिखाया
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले पीड़िता का विश्वास जीतने के लिए उससे ‘बहन’ बताकर संपर्क बढ़ाया। इसके बाद उसे गिफ्ट भेजने का झांसा दिया गया। पुलिस के मुताबिक, बाद में अलग-अलग नंबरों से कॉल कर फर्जी पहचान पत्र और कथित सर्च वारंट भेजे गए। फिर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर रकम मांगी गई।
यही नहीं—कॉल, कागज और पहचान, सब कुछ ऐसा बनाया गया कि सामने वाला घबरा जाए।
दिल्ली और बिजनौर के आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोजी, निवासी निजामुद्दीन, दिल्ली, और मंसूर अहमद, निवासी बिजनौर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 3 डेबिट कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 1 फर्जी आईडी कार्ड, फर्जी सर्च वारंट की कॉपी, बैंक पासबुक, चेक बुक और 2 लाख 760 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पूछताछ में और ठगी की आशंका
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे इसी तरह दूसरे लोगों को भी निशाना बनाते रहे हैं। अब पुलिस इनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है। यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और कितने लोग अब तक इसका शिकार हुए।
थाना शाहपुर पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि किसी भी फर्जी कॉल, मैसेज, दस्तावेज या ऑनलाइन धमकी से सतर्क रहें। पुलिस का कहना है कि अगर कोई खुद को अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।






