लखनऊ में कौशल विकास विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक, आईटीआई सुधार, ड्रॉपआउट रोकने और रोजगार से जोड़ने पर दिया विशेष जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कौशल विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से विभागीय स्तर पर व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने, औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने और प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने विभागीय कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति को लेकर वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री द्वारा इस वर्चुअल विभागीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रदेश की कौशल विकास नीति को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ मिशन के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और उद्योगों की मांग के अनुरूप बनाने पर जोर दिया गया। मंत्री कपिल देव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई संस्थानों में व्यापक सुधार किए जाएं और उन्हें आधुनिक तकनीकों से लैस किया जाए। साथ ही, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार लाते हुए युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में टाटा टैक्नॉलोजी और डेलॉइट इंडिया के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की रणनीति भी तय की गई। इससे प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रशिक्षण संस्थानों में ड्रॉपआउट की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसे कम करने के ठोस उपाय किए जाएं। ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ आईटीआई में बेहतर आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है, और इसमें कुशल युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही कौशल मिलेगा, तो वही प्रदेश की तरक्की की नींव बनेंगे। इस समीक्षा बैठक को प्रदेश में कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगा।






