राजकीय कर्मचारी संयुक्त परिषद् के जिलाध्यक्ष डाॅ. संजीव लाम्बा ने इस सम्बंध में कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय की ओपीडी नंबर एक उस समय कुश्ती का अखाड़ा बन गई, जब महिला अस्पताल के एक संविदा कर्मी ने खुद को ‘स्टाफ’ बताकर कानून और कतार दोनों को ठेंगा दिखाने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने न केवल ड्यूटी पर तैनात कर्मी के साथ मारपीट की, बल्कि बीच-बचाव करने आए एक मूक-बधिर (दिव्यांग) व्यक्ति को भी पीटकर लहूलुहान कर दिया। इससे वहां पर हंगामा और अफरा तफरी मच गई।
शुक्रवार को हुई घटना के अनुसार, ओपीडी नंबर एक पर मरीजों की भारी भीड़ थी। इसी दौरान गौरव बालियान नाम का युवक वहां पहुंचा और खुद को महिला अस्पताल का स्टाफ बताकर जबरन अंदर घुसने लगा। ओपीडी पर तैनात स्टाफ सलमान ने जब उसे नियम का हवाला देते हुए लाइन में आने को कहा, तो गौरव आगबबूला हो गया। आरोप है कि शराब के नशे में धुत गौरव ने ओपीडी के स्टाफ सलमान के साथ बदसलूकी शुरू कर दी और देखते ही देखते वह स्टाफ के साथ ही मारपीट पर उतारू हो गया।
हैरानी की बात यह रही कि इस हंगामे के बीच वहां मौजूद एक मूक-बधिर दिव्यांग व्यक्ति गय्यूर ने जब बीच-बचाव की कोशिश की, तो आरोपी ने उसके साथ भी हिंसक व्यवहार किया। मारपीट के दौरान उक्त दिव्यांग व्यक्ति का कान फट गया, जिससे अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचे और किसी तरह मामला शांत कराकर आरोपी को वहां से हटाया।
जांच में सामने आया कि आरोपी गौरव बालियान जिला महिला चिकित्सालय में संविदा पर ड्राइवर के पद पर तैनात है। पीड़ित सलमान का आरोप है कि गौरव अक्सर मरीजों को लेकर आता है और अपनी धौंस जमाकर नियम तोड़ते हुए जबरन ओपीडी में घुसता है। इस संबंध में वरिष्ठ फिजिशयन डॉ योगेंद्र त्रिखा ने जब महिला अस्पताल की सीएमएस आभा आत्रेय से फोन पर वार्ता की तो उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

राजकीय कर्मचारी संयुक्त परिषद् के जिलाध्यक्ष डाॅ. संजीव लाम्बा ने इस सम्बंध में कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र तिरखा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पीड़ितों (सलमान और दिव्यांग व्यक्ति) का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस में तहरीर दी जाएगी और आरोपी संविदा कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा जाएगा।






