50 लाख खर्च कर बेटी की शादी करने वाले परिवार से हुई धोखाधड़ी, दुल्हन ने पति समेत ससुराल पक्ष पर दर्ज कराया मुकदमा
मुजफ्फरनगर। खतौली क्षेत्र में शादी के नाम पर बड़े धोखे का मामला सामने आया है, जहां एक युवती की शादी सरकारी अस्पताल में सर्जन डॉक्टर बताकर कराई गई, लेकिन विवाह के बाद सच्चाई सामने आई कि दूल्हा एमबीबीएस डॉक्टर नहीं बल्कि संविदा पर कार्यरत वार्ड बॉय है। दुल्हन ने इसे जीवन से खिलवाड़ बताते हुए पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया है।
थाना खतौली क्षेत्र के कस्बा खतौली निवासी एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर खुद को एमबीबीएस, एमएस सर्जन डॉक्टर बताकर शादी करने, दहेज लेने और बाद में धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। कस्बा खतौली के मौहल्ला मिठ्ठूलाल निवासी शहजादी पुत्री अली मोहम्मद ने थाना खतौली में दर्ज शिकायत में बताया कि उसकी शादी करीब चार साल पहले 29 मार्च 2022 को अदालत खां पुत्र अफसर खां निवासी ग्राम चंदसीना, थाना रतनपुरी के साथ सिटी पैलेस खतौली में इस्लामिक रीति-रिवाज से हुई थी।
पीड़िता के अनुसार, रिश्ता तय करते समय अदालत खां और उसके परिवार ने बताया था कि वह एमबीबीएस, एमएस डॉक्टर है और सहारनपुर स्थित शेख उल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ सर्जन के पद पर तैनात है। परिवार को भरोसा दिलाने के लिए ऑपरेशन थिएटर में कार्य करते हुए फोटो, एमबीबीएस की डिग्री और अन्य दस्तावेज भी दिखाए गए। इन बातों पर विश्वास करते हुए लड़की पक्ष ने शादी में करीब 50 लाख रुपये खर्च किए। साथ ही 16 तोले सोने, 500 ग्राम चांदी के जेवर, घरेलू सामान और एक वैगनआर कार भी दहेज में दी गई। विवाह के बाद कुछ समय तक पति ने भी स्वयं को डॉक्टर ही बताया।
शहजादी ने बताया कि शादी के बाद जब वह मायके आई तो ससुराल पक्ष उसे वापस ले जाने में लगातार टाल-मटोल करता रहा। कभी कहा गया कि अदालत खां ट्रेनिंग पर गया है, तो कभी अन्य बहाने बनाए गए। शक होने पर परिवार ने अपने स्तर पर जांच कराई, जिसमें पता चला कि अदालत खां किसी अस्पताल में कोई विशेषज्ञ एमबीबीएस एमएस डॉक्टर नहीं बल्कि उसी मेडिकल कॉलेज में संविदा पर वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत है। पीड़िता का आरोप है कि अदालत खां, उसके भाई शामिल खां, पिता अफसर खां और बहन समरजहां ने जान-बूझकर झूठ बोलकर और फर्जी फोटो दिखाकर यह रिश्ता तय कराया। इससे न केवल परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि उसका वैवाहिक जीवन भी बर्बाद हो गया।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद जब 24 दिसंबर 2025 को पीड़िता के पिता अली मोहम्मद और भाई शहजाद ने इस संबंध में ससुराल पक्ष से जवाब मांगा, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और पूरे परिवार को जान से मारने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि सामाजिक बदनामी और डर के कारण वह अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकी थी, लेकिन लगातार मानसिक, शारीरिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलने के बाद उसने अब न्याय पाने के लिए पुलिस का सहारा लिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति अदालत खां समेत ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






