विकास भवन में हुई उच्च स्तरीय बैठक, चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप और डीएम उमेश मिश्रा के साथ मिलकर खींचा खाका
मुजफ्फरनगर। शहर में स्मार्ट सिटी के रूप में चल रहे विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सोमवार को विकास भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर के समग्र विकास, आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं।

उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर सहित लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण और नगर पालिका के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और चल रहे कार्यों की स्थिति पर जानकारी ली गई। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि शहर की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में जल निकासी व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि शहर के कई क्षेत्रों में बिना बारिश के भी जलभराव की समस्या बनी रहती है, जो गंभीर स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी प्रणाली को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए और इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान मंत्री ने विभिन्न स्थानों पर चल रहे अधूरे विकास कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से जवाब तलब किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्यों में देरी और गुणवत्ता में कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और नागरिक सुविधाओं में वास्तविक सुधार सुनिश्चित करें। मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाना है। बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि मुजफ्फरनगर को स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।






