शिव चौक से जुलूस न निकालने, धार्मिक स्थलों को न ढकने और हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाने की उठाई मांग
मुजफ्फरनगर। आगामी मुहर्रम पर्व को लेकर शहर में निकलने वाले ताजिया एवं मातमी जुलूस के मार्ग और व्यवस्थाओं को लेकर विवाद गहराने लगा है। विभिन्न मांगों को लेकर हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए जुलूस के रूट में बदलाव सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
आगामी मुहर्रम पर्व के मद्देनजर हिंदू संघर्ष समिति ने शहर में निकलने वाले ताजिया एवं मातमी जुलूस को लेकर प्रशासन से विशेष व्यवस्थाएं लागू करने की मांग की है। समिति के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि मुहर्रम का जुलूस शहर के संवेदनशील और प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर न निकाला जाए। ज्ञापन में मांग की गई कि मुहर्रम का जुलूस शिव चौक से होकर न गुजरे तथा किसी भी धार्मिक स्थल को तिरपाल या अन्य किसी माध्यम से न ढका जाए। इसके साथ ही जुलूस के दौरान हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और ताजियों की लंबाई एवं चौड़ाई प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही रखी जाए।
समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार ने कहा कि वर्तमान में ताजिया एवं मातमी जुलूस शिव चौक और हनुमान चौक जैसे प्रमुख स्थलों से होकर गुजरता है। उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर लंबे समय तक रुककर मातम किए जाने से स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं और विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से जुलूस के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने की मांग की। समिति के नेता देशराज पंवार ने कहा कि शहर में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों से जुलूस निकालने के विषय में पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस मुद्दे को लेकर प्रत्येक वर्ष स्थानीय स्तर पर असंतोष की स्थिति देखने को मिलती है, जिसे समय रहते प्रशासनिक निर्णय लेकर समाप्त किया जा सकता है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि मुहर्रम के दौरान प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए तथा सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करे। समिति ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन किया जा सकता है। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर सभी मांगों पर नियमानुसार विचार करने तथा आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।






