मुजफ्फरनगर। जिले मंे ठगी का एक और अनोखा मामला सामने आया हैं और इस बार साइबर ठगों ने एक सीएमएस को अपना निशाना बनाया है। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव बेगराजपुर स्थित मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमएस) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का खौफ दिखाकर 36.88 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। साइबर ठगों ने ईडी व पुलिस का डर दिखाकर ठगी की है। अहमदाबाद के आनंद मिलन टावर शाही बाग निवासी डाॅ. कीर्तिगिरी जी गोस्वामी के यह ठगी हुई है। एक मार्च को ईडी का अधिकारी बताकर साइबर ठग ने फोन किया। 2 मार्च को लखनऊ के आम बाग पुलिस स्टेशन से सुनील मिश्रा बताकर फोन किया। तीसरी काॅल लखनऊ के डीसीपी एसवी सिरोडकर बताकर की। उन्हें उनके लखनऊ बैंक खाते से अनाधिकृत लेनदेन होना बताया गया। उनके पास व्हाटस एप पर ईडी की स्टांप लगे वारंट भी भेजे गए। साइबर ठगों ने अपने खाते में कुछ रुपये की ट्रांजेक्शन करने कहा। मुख्य चिकित्साधिकारी ने डर कर 36.88 लाख रुपए साइबर ठगों के बताए तीन खातों में एक मार्च से बाइस मार्च तक जमा कराई गई। पीड़ित की तहरीर पर मंसूरपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। बता दें कि साइबर ठग ठगी के नये नये तरीके निकालकर लोगों को अपना निशाना बना रहे है, जिससे सभी को सावधान रहना चाहिए।

मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को बदले रहेंगे कई रास्ते, ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया डायवर्जन प्लान
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर 13 अप्रैल 2026 को मुजफ्फरनगर में कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। जारी ट्रैफिक नोटिस के अनुसार शहर में अलग-अलग दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था बनी रहे। नोटिस में खास तौर पर जानसठ रोड, भोपा रोड, सहारनपुर रोड, जिला अस्पताल और शामली स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग बताए गए हैं। कुछ जगहों पर प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों के लिए अलग रूट भी निर्धारित किया गया है। जानसठ रोड और भोपा रोड से जिला अस्पताल-सहारनपुर जाने वालों के लिए यह रूट जानसठ रोड और





