मेरठ -पीवीवीएनएल की प्रबंध निदेशक ईशा दुहन ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने ऊर्जा भवन में तैनात अधीक्षण अभियंता सिविल मुनेंद्र कुमार को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया है। अधीक्षण अभियंता पर गाजियाबाद के एक ठेकेदार से भुगतान के नाम पर कमीशन मांगने और निविदा में गड़बड़ी का आरोप था। मुनेंद्र कुमार के पास बिजली वितरण मंडल गाजियाबाद का चार्ज था। ऊर्जा भवन में उनके पास चीफ सिविल का भी कार्यभार था। गाजियाबाद निवासी ठेकेदार सूर्य प्रताप सिंह ने प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल ईशा दुहन को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि अधीक्षण अभियंता मुनेंद्र कुमार ने उनसे गाजियाबाद में एक निर्माण कार्य का भुगतान कराने में कमीशन मांगी थी। कमीशन न देने पर उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा था। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने एक ऑडियो क्लिप भी शिकायत पत्र के साथ एमडी को सौंपी। एमडी की ओर से इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति बनाई गई। जांच में रुपये के लेनदेन की बात और निविदा में गड़बड़ी की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद प्रबंध निदेशक की ओर से मुनेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रबंध निदेशक ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति से कार्य किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। उनके निलंबन के बाद चीफ सिविल का चार्ज चीफ टेक्निकल आनंद प्रकाश को दिया गया है। अधीक्षण अभियंता गाजियाबाद का चार्ज मेरठ के अधीक्षण अभियंता को दिया गया है।

केशव मौर्य को ब्रिटेन वीजा नहीं मिला, बीच में ही लौटे लखनऊ
केशव मौर्य को ब्रिटेन वीजा नहीं मिला, जिसके चलते डिप्टी सीएम को अपना विदेश दौरा बीच में ही रद्द कर लखनऊ उत्तर प्रदेश लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल को यूनाइटेड किंगडम भी जाना था, लेकिन वीजा जारी नहीं किया गया। सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार की ओर से एनओसी दी गई थी। बावजूद इसके ब्रिटेन की ओर से वीजा स्वीकृत नहीं हुआ। 23 फरवरी को जर्मनी रवाना हुए थे डिप्टी सीएम केशव मौर्य 23 फरवरी को जर्मनी गए थे। 25 फरवरी तक उन्होंने फ्रैंकफर्ट और न्यूरेम्बर्ग में कई महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लिया। 25 से 27 फरवरी तक उन्हें यूनाइटेड किंगडम में रहना था। हालांकि वीजा नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम





