मुकदमे में समझौता करने के बहाने बुलाई पत्नी को बंधक बनाकर पीटा

बड़ी कंपनी में नौकरी बताकर पहले कर ली शादी, पोल खुली तो बिजनेस के लिए मांगी रकम, उत्पीड़न से परेशान पत्नी ने कराया केस

पत्नी का आरोप-मायके वालों ने शादी में खर्च किये 40 लाख रुपये, नौकरी के नाम पर निठल्ला निकला आरोपी पति

मुजफ्फरनगर। करीब एक साल पूर्व शहर के एक मौहल्ले के निवासी युवती और उसके परिवार को धोखे में रखते हुए ससुराल वालों ने बड़ी कंपनी में नौकरी और अच्छा कारोबार होने का दावा करते हुए साजिश रचकर शादी करा ली। शादी के बाद युवती ससुराल पहुंची तो पति की बड़ी नौकरी के नाम पर उसके निठल्ला होने की पोल खुलने लगी। खुद को ठगा सा महसूस करने वाली युवती ने इसका विरोध किया तो ससुराल में उत्पीड़न शुरू हो गया। परेशान युवती ने पति सहित अन्य ससुराल वालों के खिलाफ दहेज एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें समाज और परिवार के लोगों ने समझौता कराने का दबाव बनाया तो पति और पत्नी के बीच एक मुलाकात तय कर दी गई। आरोप है कि पति ने समझौता करने के नाम पर पत्नी को बुलाया और उसको नशीला पदार्थ पिलाकर बंधक बना लिया गया। इसके बाद उसकी हत्या का प्रयास किया गया। इस मामले में पत्नी ने अपने पति सहित चार ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शहर के मौहल्ला सुमन विहार निवासी ओमवीर सिंह ने अपनी बेटी पूजा की शादी 14 अपै्रल 2023 को शशांक तेवतिया पुत्र मनोज तेवतिया निवासी गाजियाबाद के साथ बड़ी धूमधाम से की। इस मामले में शादी के बाद से ही विवाद शुरू हो गया। इसी विवाद के ताजा प्रकरण में पूजा ने अपने पति और अन्य ससुराल वालों के खिलाफ जानलेवा हमला करने सहित अन्य संगीन आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है। नई मंडी थाने में दी गई तहरीर में पूजा ने बताया कि उसके परिजनों ने अपै्रल 2023 में शशांक के साथ रिश्ता तय किया। उस दौरान शशांक और उनके पिता मनोज तेवतिया पुत्र महिपाल सिंह, माता कौशल पत्नी मनोज और भाई अंकुर तेवतिया ने उसके परिजनों के साथ गंभीर षडयंत्र के तहत धोखाधड़ी की। शशांक की नोएडा की एक बड़ी प्राइवेट कंपनी में अच्छी जाॅब बताई गई थी। इसके साथ ही परिवार का कारोबार भी बताकर धोखा दिया गया। साजिश करते हुए शशांक और उसके परिजनों ने पूजा संग हुई शादी में करीब 40 लाख रुपये का दान दहेज प्राप्त किया था। शादी के बाद शशांक की नौकरी की बात हवा हवाई पाई गई। पूजा ने इसके लिए विवाद होने पर पति और ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया, जो विचाराधीन है। मुकदमा होने के बाद पूजा और उसके परिजनों पर समाज के लोगों ने समझौता करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। पूजा ने पुलिस को बताया कि समझौते के इन्हीं प्रयासों में शशांक को एक मौका दिये जाने की बात कही गई। पूजा इस पर तैयार नहीं हुई, आरोप है कि शशांक का 26 मार्च को उसके पास फोन आया और उसने माफी मांगते हुए मिलने के लिए कहा। पूजा पति शशांक के बुलावे पर बचन सिंह कालोनी में बताये गये पते पर मिलने के लिए गई। वहां रात्रि करीब सात बजे शशांक ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसको पिलाया, वो बेहोश हो गई। सुबह होने पर आंख खुली तो उसने कमरे में खुद को बंद पाया। शोर मचाया तो शशांक ने आकर उसके ासथ मारपीट शुरू कर दी और मोबाइल फोन छीन लिया। उसके गले में दुपट्टा डालकर मारने का प्रयास किया, किसी तरह वो बचकर निकली, तो डंडे से वार किया और उसके कपड़े भी फाड़ दिये। अन्य लोगों से मदद लेकर पुलिस को सूचित किया तो शशांक फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है।

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पति के साथ पूजा ने चलाई फास्ट फूड की दुकान, पर नहीं बनी बात

मुजफ्फरनगर। पूजा के परिजनों का कहना है कि धोखाधड़ी का पता लगने के बाद भी बेटी का घर बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया। शादी के बाद जब दूसरी बार पूजा अपनी ससुराल पहुंची तो पति की बड़ी नौकरी का सारा नाटक खुल कर सभी कुछ साफ हो गया था। पूजा के परिवार के मुखिया और ताऊ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि उनकी भतीजी ने उच्च शिक्षा हासिल की। एमएससी और फैशन डिजाइनिंग करने के बाद उसकी शादी तय हुई तो शशांक के माता पिता ने झूठ का ऐसा जाल बुना कि पूरा परिवार ठगा रह गया। शादी के बाद शशांक ने बिजनेस करने के लिए दस लाख रुपये की मांग पूजा से की। पूजा परिवार बचाना चाहती थी। उसने परिजनों के सहयोग से तीन लाख रुपये जुटाकर गाजियाबाद में पति के साथ फास्ट फूड रेस्टारेंट खोला, 18 हजार रुपये महीने के किराये पर दुकान ली गई। पूजा मेहनत करने लगी, लेकिन पति का सकारात्मक सहयोग नहीं मिलने और ससुराल वालों के उत्पीड़न से परेशान होकर पूजा को दुकान बंद करनी पड़ी। पूरा परिवार कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

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