राज्य समन्वय समिति की अनुशंसा पर शीर्ष नेतृत्व ने लिया निर्णय, चारों जिलों के जिलाध्यक्ष भी किए पदमुक्त
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाते हुए देवीपाटन मंडल के चार जिलों की जिला इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। राज्य समन्वय समिति की संस्तुति के बाद शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिए गए इस निर्णय से संगठन में व्यापक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
भारतीय किसान यूनियन के केन्द्रीय कार्यालय से शनिवार को जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय किसान यूनियन ने उत्तर प्रदेश की राज्य समन्वय समिति (कोर्डिनेशन कमेटी) के निर्णय के आधार पर देवीपाटन मंडल के चार जनपदोंकृबहराईच, गोण्डा, बलरामपुर और श्रावस्तीकृकी जिला इकाइयों को भंग कर दिया है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। शीर्ष नेतृत्व की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चारों जिलों में जिला संगठन के अध्यक्षों को भी उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। यह कदम संगठनात्मक सक्रियता और अनुशासन को और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया बताया जा रहा है।

जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य समन्वय समिति की अनुशंसा के बाद शीर्ष नेतृत्व ने व्यापक विचार-विमर्श कर यह निर्णय लिया। संगठन का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा और पुनर्संरचना आवश्यक थी। अब इन चारों जनपदों में संगठन की जिम्मेदारी राज्य एवं क्षेत्रीय कार्यकारिणी संभालेगी। यह कार्यकारिणी न केवल संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी करेगी, बल्कि यूनियन के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी निभाएगी।
इस आदेश के साथ शीर्ष नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी कार्यक्रमों की योजना तथा संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के लिए राज्य एवं क्षेत्रीय कार्यकारिणी अगले आदेश तक संबंधित जिलों में कार्य करती रहेगी। शीर्ष नेतृत्व द्वारा इन चारों जिलों में शीघ्र ही नई इकाइयों का गठन किया जायेगा। इस निर्णय को संगठन के भीतर व्यापक पुनर्गठन की प्रक्रिया की शुरुआत माना जा रहा है। यूनियन के जानकारों का मानना है कि यह कदम आगामी आंदोलनों और कार्यक्रमों को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।






