एसडीएम खतौली डॉ. ललित कुमार ने दिनकरपुर लेखपाल अमित को किया तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
मुजफ्फरनगर। खतौली तहसील प्रशासन में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए उप जिलाधिकारी डॉ. ललित कुमार मिश्रा ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। दिनकरपुर क्षेत्र में तैनात लेखपाल अमित कुमार को रिश्वत मांगने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। लेखपाल पर आय एवं जाति प्रमाण पत्र जल्द जारी कराने के नाम पर 300 रुपये की मांग करने का आरोप है। मामले से जुड़ा एक ऑडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और प्राथमिक जांच में मामला गंभीर पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
बताया गया है कि एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्रा को एक ऑडियो प्राप्त हुआ, जिसमें कथित रूप से ग्राम प्रधान बसधाड़ा और लेखपाल अमित कुमार के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। आरोप है कि बातचीत के दौरान प्रमाण पत्र जल्दी बनवाने के एवज में रुपये मांगने की बात कही गई। ऑडियो में बारकोड के माध्यम से भुगतान कराने का जिक्र भी सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने इसे राजस्व विभाग की छवि और गरिमा को प्रभावित करने वाला कृत्य माना।

प्रथम दृष्टया आरोप सही प्रतीत होने पर लेखपाल अमित कुमार के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि शासन की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी स्तर पर लापरवाही या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े प्रमाण पत्रों और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
तहसीलदार को सौंपी जांच, एक माह में मांगी रिपोर्ट
निलंबन आदेश के अनुसार, लेखपाल अमित कुमार को निलंबन अवधि के दौरान राजस्व निरीक्षक कार्यालय खतौली से संबद्ध किया गया है। उन्हें प्रतिदिन वहीं अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। मामले की विभागीय जांच के लिए तहसीलदार खतौली को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसडीएम ने निर्देश दिए हैं कि सात दिन के भीतर आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, जबकि एक माह के अंदर जांच पूरी कर विस्तृत आख्या उपलब्ध कराई जाए। गौरतलब है कि खतौली तहसील की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्रा भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कड़े कदम उठा रहे हैं। इससे पहले भी भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों में एक अन्य लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से तहसील कर्मियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।






