दासाला प्रकरण में जेल गए समर्थक रिहा, जिला कारागार पर हुआ स्वागत

Shivani
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सहारनपुर। दासाला प्रकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी शांत होता नहीं दिख रहा। कैराना सांसद इकरा हसन के डीआईजी कार्यालय पहुंचने और उसके बाद हुए हंगामे से जुड़े मामले में जेल भेजे गए समर्थकों की रिहाई के बाद सहारनपुर जिला कारागार के बाहर कश्यप समाज के लोगों और कई राजनीतिक चेहरों ने उनका स्वागत किया।

बताया गया कि दासाला मामले की पीड़िता को साथ लेकर सांसद इकरा हसन डीआईजी कार्यालय सहारनपुर पहुंची थीं। सांसद का आरोप था कि पीड़िता के जवान बेटे की हत्या के मामले में आरोपियों की पहचान हो जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक गिरफ्तारी नहीं की। इसी मुद्दे पर उन्होंने अधिकारियों से ठोस कार्रवाई की मांग रखी।

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मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, जब सांसद को संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला तो पुलिसकर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद पुलिस इकरा हसन को महिला थाने ले गई। इसी घटनाक्रम में पीड़ित महिला और उनके साथ आए लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

मामले में छह लोगों को चालान कर जेल भेजे जाने की बात सामने आई। इनमें मांगेराम कश्यप, शीशपाल कश्यप और अनुज कश्यप के नाम भी बताए गए। इस कार्रवाई के बाद से कश्यप समाज के भीतर नाराजगी बनी हुई थी।

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रिहाई के दिन सहारनपुर जिला कारागार के बाहर कश्यप समाज के सैकड़ों लोग, महिलाएं और समर्थक पहुंचे। जेल से बाहर आते ही रिहा हुए लोगों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मौके पर समर्थकों में उत्साह साफ दिखाई दिया।

समर्थन जताने वालों में पूर्व एमएलसी फजलुर्रहमान के प्रतिनिधि फरहाद आलम, सपा के पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप बीदपुर और भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष शिखा कश्यप भी जिला कारागार पहुंचीं। सभी ने बाहर आए समर्थकों का स्वागत किया और उनके साथ खड़े रहने की बात कही।

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दासाला प्रकरण में पहले पीड़ित परिवार की न्याय की मांग प्रमुख थी, लेकिन डीआईजी कार्यालय पर हुए घटनाक्रम और उसके बाद की गिरफ्तारियों ने इसे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा भी बना दिया है। कश्यप समाज के लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार की आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई से नाराजगी और बढ़ी है।

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