देवबंद (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सुबह देवबंद क्षेत्र के गांव जड़ौदा जट पहुंचे। यहां उन्होंने राज्य मंत्री कुंवर ब्रजेश सिंह के दिवंगत पिता डॉ. राजकुमार रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार पूरी मजबूती के साथ कुंवर ब्रजेश सिंह और उनके परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जड़ौदा जट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था और जनस्वास्थ्य से जुड़े अन्य पहलुओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले तथा स्वच्छता और व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में हुए सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में जहां केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 81 हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि एमबीबीएस और नर्सिंग की सीटों में भी ढाई से तीन गुना तक वृद्धि की गई है, जिससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है।
उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों को आकर्षित करने के लिए पांच लाख रुपये तक का वेतन दिया जा रहा है।
उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, और इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।






