मीडिया की शिकायत पर लिया गंभीर संज्ञान, डीएम को जांच के आदेश, मांगी रिपोर्ट
नगरपालिका के निरीक्षण के दौरान उठा जनहित का मुद्दा, ईओ को दिए तत्काल समाधान कराए जाने के निर्देश
मुजफ्फरनगर। शहर की विभिन्न कालोनियों में दूषित एवं गंदे जल की आपूर्ति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने नगर पालिका के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराकर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर ही पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को समस्याक ा तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए और डीएम को निगरानी के लिए कहा। मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि दूषित जल नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को मुख्यालय पहुंचने के बाद तहसील सदर के निरीक्षण के उपरांत निर्धारित समय से पूर्व ही मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नगरपालिका परिषद् के मुख्यालय टाउनहाल पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने नगर पालिका के जलकल विभाग, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा, पथ प्रकाश विभाग, कर विभाग तथा लेखा विभाग आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने संपत्तियों के नामांतरण की स्थिति की जानकारी ली तथा पत्रावलियों के रख-रखाव की व्यवस्था को परखा। पेयजल आपूर्ति के लिए स्थापित नलकूपों की स्वचालित प्रणाली का अवलोकन करते हुए व्यवस्था को सराहा।
पालिका सभागार को सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बताते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं की सराहना की। निर्माण विभाग द्वारा कराए गए कार्यों की प्रगति भी देखी गई। कनिष्ठ अभियंता द्वारा कार्यों से संबंधित दृश्य प्रस्तुति दिखाई गई। इसके अतिरिक्त अध्यक्ष कार्यालय और अधिशासी अधिकारी कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत में जब उनको जानकारी मिली कि शहर की कुछ कालोनियों में काफी दिनों से दूषित और गंदा पेयजल आपूर्ति किया जा रहा है तो वो अचानक गंभीर हो गए। उन्होंने इन शिकायतों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मौके पर ही जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को निर्देशित किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत की जाए। साथ ही पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को तत्काल प्रभाव से समस्या के समाधान हेतु विशेष दल गठित कर प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि समस्या के समाधान के लिए कार्य पूर्ण होने के बाद विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। मंडलायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। दूषित जल की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जांच में यदि लापरवाही पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप उपस्थित रहीं। अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा और रविकांत शर्मा के साथ मंडलायुक्त का स्वागत किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेंद्र सिंह, सभासद शोभित गुप्ता, वाल्मीकि समाज के नेता मदनलाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






