कर्नाटक में नन्जुन्दा स्वामी की पुण्यतिथि पर राकेश टिकैत की श्रद्धांजलि

अमृत भूमि में चौधरी राकेश टिकैत ने किया ध्वजारोहण, किसानों के संघर्ष को बताया जीवंत विरासत

मुजफ्फरनगर। कर्नाटक के चामराजनगर स्थित अमृत भूमि में देश के प्रख्यात किसान नेता प्रोफेसर नन्जुन्दा स्वामी की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर किसान आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ इन दिनों कर्नाटक राज्य के दौरे पर हैं। उन्होंने कर्नाटक के चामराजनगर के समीप स्थित अमृत भूमि पहुंचकर महान किसान नेता प्रोफेसर नन्जुन्दा स्वामी की पुण्यतिथि पर उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर कर्नाटक राज्य रैय्यत संघ की संरक्षक चुकी ननजुंदा स्वामी, यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह, उत्तर प्रदेश महासचिव जहीर फारूकी एडवोकेट तथा अन्य किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ध्वजारोहण कर किसान एकता का संदेश भी दिया गया।

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चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि प्रोफेसर नन्जुन्दा स्वामी देश के अग्रणी किसान नेताओं में से थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित किया। उनके संघर्ष और विचार आज भी किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के किसान उस महान आत्मा की कमी महसूस करते हैं, किंतु उनके आदर्श और सिद्धांत सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। कर्नाटक राज्य रैय्यत संघ की संरक्षक चुकी ननजुंदा स्वामी ने कहा कि पुण्यतिथि के अवसर पर उत्तर भारत से आए किसान नेताओं की उपस्थिति कर्नाटक के किसानों के लिए उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन प्रारंभ से ही प्रोफेसर नन्जुन्दा स्वामी के आंदोलनों के साथ खड़ी रही है। आज पूरे कर्नाटक में किसान उनकी स्मृति में कार्यक्रम आयोजित कर उनके योगदान को याद कर रहे हैं।

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चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा कि प्रोफेसर नन्जुन्दा स्वामी ने किसानों को अधिकारों के लिए संगठित संघर्ष का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कर्नाटक के किसानों को आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई लड़ना सिखाया। उनके नेतृत्व में चले आंदोलनों ने देशभर के किसान संगठनों को नई दिशा दी। अमृत भूमि में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में किसान नेताओं ने संकल्प लिया कि वे प्रोफेसर नन्जुन्दा स्वामी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए किसानों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और एकजुटता का प्रदर्शन किया।

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