आबकारी निरीक्षक ने नौकरी दिलाने के नाम पर की ठगी

बुढ़ाना के टेलर्स से पुत्र को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 8 लाख रुपये हड़पे, छह वर्ष बाद पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई, फर्जी नियुक्ति पत्र देकर किया गया था धोखा

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में स्वास्थ्य विभाग में पुत्र को नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक टेलर्स से आठ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि आबकारी विभाग में तैनात एक निरीक्षक और उसके पिता ने मिलकर युवक को फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र थमाया तथा वर्षों तक उसे धमकाकर चुप रखा। बुढ़ाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

कस्बा बुढ़ाना के मोहल्ला उत्तरी भटवाड़ा निवासी प्रवीण कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधीक्षक देहात आदित्य बंसल को जांच के निर्देश दिए। जांच के उपरांत बुढ़ाना कोतवाली में आरोपी आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा और उसके पिता देव शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पीड़ित प्रवीण ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके पिता ओमप्रकाश कस्बा बुढ़ाना के सैनी बाजार में ‘वंदना टेलर्स’ नाम से कपड़े सिलाई का कार्य करते हैं। मनोज शर्मा और उसके पिता देव शर्मा बरसों से उनकी दुकान पर नियमित रूप से आते-जाते थे, और अपने कपड़े सिलवाने का काम करते थे, जिससे पारिवारिक संबंध बन गए थे।

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आरोप है कि मनोज शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग में बीएचडब्ल्यू ;बेसिक हेल्थ वर्करद्ध के रिक्त पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले दो-तीन किस्तों में आठ लाख रुपये की मांग की गई। विश्वास में आकर प्रवीण के पिता ने छह लाख रुपये एकमुश्त और दो लाख रुपये जॉइनिंग लेटर मिलने के बाद दे दिए।

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पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने बरेली स्वास्थ्य विभाग से जारी बताया गया बीएचडब्ल्यू पद का नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र उपलब्ध कराया। बाद में जांच में दोनों दस्तावेज फर्जी निकले। छह वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो नौकरी मिली और न ही धनराशि वापस की गई। प्रवीण कुमार का कहना है कि जब भी वह अपने पैसे वापस मांगने जाता, तो आरोपी झूठे मुकदमे में फंसाने और आबकारी विभाग के जरिए जेल भिजवाने की धमकी देते थे। भय और दबाव के कारण वह लंबे समय तक चुप रहा।

शिकायत में उल्लेख है कि आठ लाख रुपये नानू पुत्र मदन और धर्मपाल पुत्र रहतू निवासी बुढ़ाना के समक्ष दिए गए थे। अब पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।
पुलिस ने बताया कि प्रवीण की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक देहात के आदेश पर बुढ़ाना कोतवाली में आरोपी आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा और उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की सत्यता, धनराशि के लेन-देन और संबंधित विभागीय अभिलेखों की जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। छह वर्ष पुराने इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है।

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