गाजियाबाद। विज्ञान और तकनीक के इस दौर में भी अंधविश्वास किस हद तक इंसान को अमानवीय बना सकता है, इसका चौंकाने वाला मामला गाजियाबाद के लोनी इलाके से सामने आया है। चंद पैसों की लालच और ईश्वर से मिलने के भ्रम में तीन दोस्तों ने मिलकर अपने ही करीबी मित्र की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है।
जले हुए ऑटो में मिला था शव
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, 14 जनवरी की सुबह ट्रॉनिका सिटी थाना पुलिस को एक जले हुए बैटरी ऑटो में पूरी तरह झुलसा हुआ शव मिला था। शव की हालत इतनी खराब थी कि यह पहचान कर पाना मुश्किल हो गया था कि वह पुरुष का है या महिला का। यह मामला पुलिस के लिए पूरी तरह से एक ब्लाइंड मर्डर बन गया था।
मृतक की हुई पहचान
जांच के दौरान शव की पहचान अंकुर विहार थाना क्षेत्र निवासी नवीन कुमार (35) के रूप में हुई। मृतक की शिनाख्त उसके छोटे भाई नितिन ने की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया और लगातार जांच शुरू की।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
शनिवार सुबह पुलिस ने चेकिंग के दौरान पंचलोक गेट (ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र) के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम पवन और सागर उर्फ पंडित बताए। पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बैटरी ऑटो और गैस सिलेंडर बरामद किया है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
तांत्रिक के अंधविश्वास में दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मृतक नवीन उर्फ नंदू एक तांत्रिक के संपर्क में था। आरोपियों के अनुसार, तांत्रिक ने नंदू को यह विश्वास दिलाया था कि यदि वह अमीर बनना और ईश्वर से साक्षात्कार करना चाहता है, तो उसे नरबलि देनी होगी।
शराब के दौरान बढ़ा विवाद, फिर हत्या
आरोपियों ने बताया कि 13 जनवरी की रात तीनों दोस्त एक कमरे में शराब पी रहे थे। इसी दौरान नरबलि को लेकर विवाद हो गया। आरोपियों को शक होने लगा कि नंदू उन तीनों में से किसी एक को बलि के रूप में चुन सकता है। इसी डर और गुस्से में आकर तीनों ने मिलकर गैस सिलेंडर से हमला कर नंदू की हत्या कर दी।
पुलिस जांच जारी
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में तांत्रिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।






