गोरखपुर। गोरखपुर पत्रकार अग्निवेश सिंह हत्या मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे के करीब नाली में पाइप डालकर जल निकासी को लेकर हुए विवाद में पत्रकार अग्निवेश सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और बड़ी संख्या में पत्रकार जिला अस्पताल पहुंच गए।
मामूली कहासुनी ने लिया हिंसक रूप
मिली जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय अग्निवेश सिंह गोरखपुर के बांसगांव कस्बे के निवासी थे। शुक्रवार सुबह नाली में पाइप डालकर पानी निकासी को लेकर दूसरे पक्ष से उनका विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में तोड़ा दम
परिजनों और स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में अग्निवेश सिंह को तत्काल गोरखपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश जारी है।
पत्रकारों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
पत्रकार की मौत की सूचना मिलते ही गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष रितेश मिश्र सहित बड़ी संख्या में पत्रकार जिला अस्पताल पहुंचे। पत्रकारों ने हत्यारोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिलकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल टीम गठित करने की मांग की, जिस पर तत्काल टीम का गठन किया गया।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
पत्रकारों ने प्रशासन से निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पत्रकार अग्निवेश सिंह की हत्या प्रशासन के लिए चुनौती है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और विधिक कार्रवाई की जाएगी।






