ज़हरीला धुआं, दमघोंटू हवा-फैक्ट्रियों में जल रही पॉलीथिन

मुजफ्फरनगर। औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर प्रशासन जहां एक ओर जागरूकता फैलाने के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर फैक्ट्रियों में खुलेआम पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जनपद में औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही अन्य स्थानों पर चल रही कुछ फैक्ट्रियों द्वारा प्रतिबंधित ईंधन दृपॉलीथिन और ठोस कचरा जलाए जाने का मामला सामने आया है, जिससे न केवल स्थानीय पर्यावरण प्रभावित हो रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यहां पर एक पेपर मिल का गोदाम भी ठोस कचरे का अवैध भंडारण पकड़ा गया और गोदाम सील भी किया गया था। इन फैक्ट्रियों में रात्रि के समय जब निगरानी कम होती है, तब बड़ी मात्रा में पॉलीथिन, रबर, प्लास्टिक और घरेलू ठोस कचरा जलाया जाता है। इससे उठने वाला काला धुआं पूरे इलाके को धुंधला कर देता है और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें आम हो गई हैं। शिकायतों के बावजूद कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूरी हो रही है।

जनपद में आज भी पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से अवैध रूप से ठोस कचरा लाया जा रहा है। इसमें प्रतिबंधित पॉलीथिन भी शामिल है। इस कचरे को नियमों के अनुसार बताकर फैक्ट्रियों में इसको जलाने की अनुमति प्रदान करते हुए विभागीय अधिकारी और जिला प्रशासन के अफसर भी मौन साधे हुए हैं, जबकि लोगों को गंभीर प्रदूषण का सामना करते हुए गंभीर बीमारियों से लड़ना पड़ रहा है। अफसरों की चुप्पी के कारण अवैध कचरे के ईंधन से लोगों का दम घुटने लगा है और हवा लगातार जहरीली हो रही है। पूर्व में भी जनपद एक्यूआई के मामले में यूपी में सबसे खतरनाक स्तर पर टॉप पर बना रहा है। ऐसी फैक्ट्री क्षेत्र के पास ही रहने वाले लोग बताते हैं, कि रोजाना रात के समय फैक्ट्रियों से बदबूदार धुआं निकलता है। बच्चों को खांसी और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हमने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत पॉलीथिन और प्लास्टिक कचरे का जलाना स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई न होने से यह सवाल उठता है कि आखिर क्यों इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा? विशेषज्ञों के अनुसार, प्लास्टिक और पॉलीथिन को जलाने से डाइऑक्सिन और फ्यूरन जैसे विषैले रसायन निकलते हैं, जो कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों और त्वचा संबंधी विकारों का कारण बन सकते हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह धुआं बेहद घातक है।

इसे भी पढ़ें:  इंडिया गेट खाली कराया गया

आरटीआई कार्यर्क्ता सुमित मलिक पीनना का कहना है कि हमने एक-दो बार नहीं बल्कि न जाने कितनी लिखित शिकायत जिला प्रशासन, शासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग में की है, लेकिन कोई निरीक्षण नहीं हुआ और न ही कोई ठोस कार्यवाही की गई, जबकि प्रतिबंधित पॉलीथिन को ईंधन के नाम पर जलाने से उद्योगों को नहीं रोका जा रहा है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में ये इलाका रेड ज़ोन घोषित करना पड़ेगा। उनका कहना है कि जहां एक ओर सरकार स्वच्छ भारत और पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ उद्योगपति और लापरवाह फैक्ट्री मालिक अपने लाभ के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। जरूरत है कि प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे और दोषियों को सख्त सजा दिलाए, ताकि भविष्य में कोई पर्यावरण और जनता के स्वास्थ्य से इस प्रकार खिलवाड़ न कर सके।

इसे भी पढ़ें:  कांवड़ मार्ग पर नाम लिखने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

1 लाख तक जुर्माना और 5 साल तक की सजा का प्रावधान

मुजफ्फरनगर जनपद की कुछ फैक्ट्रियों में रात के अंधेरे में एक गुप्त और घातक खेल चल रहा है। यहां खुलेआम पॉलीथिन, प्लास्टिक और घरेलू ठोस कचरा जलाया जा रहा है, वो भी तब, जब केंद्र सरकार ने 2016 में इसे सख्त रूप से प्रतिबंधित किया है। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के अनुसार किसी भी प्रकार के प्लास्टिक/पॉलीथिन को जलाना दंडनीय अपराध है। इसमें 1 लाख तक जुर्माना और 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। फिर भी इस कानून का पालन जमीन पर नहीं हो रहा। सरकार स्वच्छता और हरित ऊर्जा के बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले वर्षों में हमारा शहर प्रदूषण राजधानी कहलाएगा और हम अपनी अगली पीढ़ी को केवल जहर भरा वातावरण सौंप पाएंगे।

इसे भी पढ़ें:  सदर तहसील में नशे में धुत सिपाही का हाई वोल्टेज ड्रामा, वर्दी उतारकर जमीन पर लेटा, महिला से की अभद्रता, वीडियो वायरल

आरडीएफ में प्लास्टिक-पॉलीथिन जलाने की अनुमतिः गीतेश चन्द्रा

मुजफ्फरनगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चन्द्रा का कहना है कि रिड्यूज ड्राई फ्यूल ;आरडीएफद्ध के लिए उद्योगों को विभागीय स्तर पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए बनाये गये नियमों में शासन के द्वारा उद्योगों को प्लास्टिक-पॉलीथिन जलाने की अनुमति प्रदान की गई है। ठोस कचरे के रूप पॉलीथिन को आरडीएफ का ही इस हिस्सा माना गया है। क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चन्द्रा ने बताया कि जनपद मुजफ्फरनगर में प्रतिदिन दो हजार मीट्रिक टन से अधिक रिड्यूज ड्राई फ्यूल ;आरडीएफद्ध अर्थात निकायों, पंचायतों का वर्षों पुराना कूड़ा-कचरा जलाया जाता है। यह आरडीएफ दिल्ली, पंजाब और हरियाणा आदि राज्यों से मुजफ्फरनगर पहुंचता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आरडीएफ को जलाने की कई फैक्ट्रियों ने अनुमति ले रखी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी 18 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किया था। विभाग कचरा के आवागमन के मानकों की जांच कर रहा है। इसी जांच की कड़ी में भोपा रोड स्थित एक पेपर मिल पर छापामार कार्यवाही में आरडीएफ का अवैध भंडारण पकड़े जाने पर गोदाम को सील करते हुए जुर्माना लगाने की कार्यवाही की गई है। 

Also Read This

कपिल देव ने मुजफ्फरनगर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए मांगा विशेष बजट

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मुलाकात के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने की बजट में वृद्धि की मांग, मुजफ्फरनगर आने का दिया निमंत्रण मुजफ्फरनगर। लखनऊ स्थित ऊर्जा भवन में प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शिष्टाचार भेंट कर जनपद मुज़फ्फरनगर के समग्र एवं सुनियोजित विकास, विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ीकरण तथा जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुज़फ्फरनगर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त “स्मार्ट सिटी” के रूप में विकसित करने हेतु जो बजट पास है उससे अलग विशेष बजट वृद्धि की मांग रखी। उन्होंने

Read More »

एम.जी. पब्लिक स्कूल में अंतरराष्ट्रीय मदर्स डे पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित

मुख्य अतिथि मधु गोयल ने अपने संबोधन में कहा-मां परिवार और समाज की आधारशिला होती है तथा वह बच्चों की सर्वश्रेष्ठ गुरू मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में अंतरराष्ट्रीय मदर्स डे के अवसर पर शुक्रवार को एक भव्य एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां नन्हें मुन्ने बच्चों ने अपनी माताओं को समर्पित मंचीय प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व के महत्व को सम्मान देना तथा विद्यार्थियों में अपनी माताओं के प्रति आदर, प्रेम एवं कृतज्ञता की भावना विकसित करना रहा। एम.जी. पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती मधु गोयल का आगमन हुआ। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग द्वारा मुख्य

Read More »

नशा तस्करों के खिलाफ ऑपरेशन सवेरा के तहत बड़ी कार्रवाई

मुजफ्फरनगर पुलिस ने 5 मादक पदार्थ तस्करों को दबोचा, करीब 13 किलो अवैध नशीला पदार्थ बरामद मुजफ्फरनगर। सहारनपुर परिक्षेत्र में चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर अभियान के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए पांच मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 किलो 998 ग्राम अवैध मादक पदार्थ, जिसमें डोडा पोस्त और गांजा शामिल है, बरामद किया है। एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। जनपद मुजफ्फरनगर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा

Read More »

जनसुनवाई पोर्टल पर खरा उतरी मुजफ्फरनगर पुलिस, प्रदेश में पहला स्थान

अप्रैल 2026 में शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर मिली बड़ी उपलब्धि मुजफ्फरनगर। जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक निस्तारण में मुजफ्फरनगर पुलिस ने प्रदेश भर में प्रथम स्थान हासिल किया है। अप्रैल 2026 की रैंकिंग में जिले के सभी 22 थानों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समयबद्ध तरीके से शिकायतों का निस्तारण किया, जिसके चलते यह उपलब्धि जनपद के नाम दर्ज हुई। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के माध्यम से जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय

Read More »

इंटर कॉलेज परिसर में मानव अस्थियां मिलने से हड़कंप

पूर्व प्रबंधक की अस्थियां विद्यालय परिसर में दबाने का आरोप, ग्रामीणों और समिति सदस्यों ने किया भारी हंगामा मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर क्षेत्र स्थित गांव नरा के एक इंटर कॉलेज में मानव अस्थियां मिलने से सनसनी फैल गई। कॉलेज परिसर में पेड़ों के नीचे दबी अस्थियां सामने आने के बाद छात्र-छात्राओं में भय का माहौल बन गया। मामले को लेकर ग्रामीणों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व प्रबंधक की अस्थियां विद्यालय परिसर में दबाई गई थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने खुदाई कर अवशेष बरामद किए और जांच शुरू कर दी है। मंसूरपुर थाना

Read More »