लखनऊ- राज्य सरकार के स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्यकर्मी संपत्तियों का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन देने में आनाकानी कर रहे हैं। संपत्तियों का ब्यौरा देने की अंतिम तिथि 31 जनवरी है, लेकिन 30 जनवरी तक मात्र 52 फीसदी कर्मियों ने इसकी जानकारी ऑनलाइन की है। संपत्तियों का ब्यौरा तय समय पर न देने वालों की पदोन्नति के साथ वेतन रोकने की भी तैयारी है। कार्मिक विभाग इस संबंध में जल्द ही स्पष्ट आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में 8.32 लाख राज्य कर्मचारी हैं। इनमें से मात्र 4.33 लाख कर्मियों ने ही संपत्तियों का ब्यौरा दिया है। यह करीब 52 फीसदी के आसपास है। शासन के सूत्रों के मुताबिक, संपत्तियों का ब्यौरा न देने वाले कर्मियों के संबंध में 1 फरवरी के बाद सख्त आदेश जारी करते हुए कार्रवाई की जा सकती है।

खतौली में अपंजीकृत क्लिनिक सील, स्वास्थ्य विभाग सख्त
खतौली में अपंजीकृत क्लिनिक सील करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। विशेष अभियान के तहत दो क्लिनिकों पर ताला लगाकर नोटिस जारी किया गया। यह कदम जनपद में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक और नर्सिंग होम के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर संयुक्त जांच टीम ने संबंधित क्लिनिकों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दोनों क्लिनिक अपंजीकृत पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि संचालक वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र या शैक्षिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके चलते तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई। इसे भी पढ़ें: यूपी में





