दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में आजम खां, उनकी पत्नी और बेटे को मिली जमानत

प्रयागराज-  सपा नेता आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके बेटे अब्दुल्ला और पत्नी तंजीम फातिमा को भी कोर्ट ने राहत दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में हुई सजा के खिलाफ पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां और पत्नी तंजीम फातिमा को बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने आजम खान, तंजीम और अब्दुल्ला आजम की जमानत मंजूर कर ली है और आजम खान की सजा का आदेश स्थगित कर दिया है। आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर यह फैसला सुनाया गया है । दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद 14 मई को फैसला सुरक्षित कर लिया गया था। कोर्ट ने आजम की सजा पर भी रोक लगा दी है। तंजीम फातिमा और अब्दुला आजम की सजा पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया। केवल आजम खान की सजा पर रोक लगाई गई है। 

इसे भी पढ़ें:  अजब-गजबः गर्भवती के पेट में बच्चा, बच्चे के पेट में बच्चा, देखकर डाक्टर भी रह गए हैरान

Also Read This

साफ्टवेयर इंजीनियर बना साधु, 15 साल पहले छोड़ गया था पत्नी और बच्चे, अचानक लौटा तो घरवाली ने कर दी पिटाई

मथुरा- मथुरा- बलदेव क्षेत्र में 15 साल पहले पत्नी और बच्चों को छोड़कर प्रेमिका के साथ रहने वाला युवक साधु के वेश में लौट आया। राया के मांट रेलवे क्रॉसिंग पर पत्नी ने उसे पकड़ लिया, जिसके बाद भीड़ ने कार का शीशा तोड़कर उसकी पिटाई कर दी और पुलिस उसे थाने ले गई। मथुरा के थाना बलदेव क्षेत्र में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। 15 साल पहले पत्नी और बच्चों को छोड़कर गया पति अचानक ही साधु के वेष में लौटा। सूचना मिलते ही पत्नी ने उसकी पीछा शुरू कर दिया। मांट रेलवे क्रॉसिंग पर उसे पकड़ लिया। इस दौरान पति की पिटाई कर दी। इस

Read More »

संभल नमाज विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी

प्रयागराज। संभल नमाज विवाद को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन के फैसले पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं की जा सकती और कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य की जिम्मेदारी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि अधिकारी कानून व्यवस्था संभालने में सक्षम नहीं हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर तबादला करवा लेना चाहिए।  मामले की सुनवाई जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच कर रही है। संभल नमाज विवाद की सुनवाई में अदालत ने कहा कि राज्य का कर्तव्य है कि वह

Read More »