मुजफ्फरनगर। ग्राम सिखेड़ा, थाना सिखेड़ा निवासी यूसुफ पुत्र मोहब्बत अली ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से थाना प्रभारी सिखेड़ा विनोद कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूसुफ ने बताया कि उसने और उसकी पत्नी सायरा ने थाना प्रभारी के विरुद्ध अलग-अलग प्रार्थना पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्टन्न्ेट मुजफ्फरनगर की अदालत में दायर किए हैं, जिनमें आज सुनवाई की तिथि निर्धारित थी। यूसुफ का आरोप है कि संबंधित थाना प्रभारी लगातार मुकदमे वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और वकील को कानूनी कार्रवाई से रोकने के लिए धमकी दे रहे हैं। यूसुफ ने यह भी कहा कि 31 जुलाई की रात्रि करीब 8.30 बजे थाना प्रभारी स्वयं पुलिस बल के साथ उसके घर पहुंचे और मुकदमे की पैरवी न करने का दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थी के अनुसार, इस दबाव के कारण उनके अधिवकता की तबीयत अदालत में बिगड़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी लगातार अधिवकता को बदलवाने का दबाव डाल रहे हैं और मना करने पर हत्या की धमकी दे रहे हैं। यूसुफ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि आरोपी थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह के विरुद्ध विधिसम्मत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और उन्हें व उनके अधिवकता को तत्काल प्रभाव से सुरक्षा प्रदान की जाए। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह एक गंभीर पुलिसिया दुरुपयोग का मामला बन सकता है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत सुनवाई 27 फरवरी को
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत सुनवाई शुक्रवार 27 फरवरी को निर्धारित की गई है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी की अग्रिम जमानत याचिका पर यह सुनवाई विशेष न्यायालय में होगी। मामला पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मामले की सुनवाई जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में होगी। अदालत ने पूर्व में 27 फरवरी की तिथि तय की थी। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा एक तथाकथित धर्मगुरु की ओर से नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा विशेष न्यायालय के आदेश पर पॉक्सो एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया। आरोप है कि नाबालिगों





