MUZAFFARNAGAR-थाने में घुसकर दो बहनों ने महिला सिपाहियों को पीटा, वर्दी फाड़ी

मुजफ्फरनगर। चुनावी माहौल में दंगा रोकने का दायित्व संभालकर गांव-गांव, गली और बस्तियों के साथ ही शहरों में जनता के बीच रौब गालिब करने वाली पुलिस अपने थानों में ही सुरक्षित नहीं है। कोई दबंग या बदमाश नहीं, बल्कि दो अदना सी लड़कियों ने थाने में घुसकर थानेदार के सामने ही दो महिला सिपाहियों का पीट-पीटकर बुरा हाल कर दिया। थानेदार और बंदूक थामकर पहरा देने वाला संतरी हो या थाने का दूसरा फोर्स लाठी-हथियार सभी कुछ होने के बावजूद भी इन दो पिद्दी सी छोरियों ने थाना परिसर को ‘चंदगीराम’ का अखाड़ा’ बनाकर रख दिया और दो महिला सिपाहियों को इतना पीटा कि उनका बुरा हाल हो गया। तन पर जमी वर्दी फाड़ दी, महिला सिपाहियों की थाना परिसर में ही रूई की तरह धुनाई होती देखकर थानेदार साहब को ताव आया और वो इन छोरियों के आवेश को थामने के लिए आगे तो उनको भी दोनों बहनों ने आड़े हाथ लेते हुए गंभीर अभद्रता कर डाली। थाने में ही दो महिला सिपाहियों की पिटाई, वर्दी फाड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने और थानेदार को खरी-खोटी सुनाकर उनको बेइज्जत करने के इस फुल हाईटेंशन ड्रामे के बाद पिटी पुलिस ने दोनों बहनों के खिलाफ छह गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। गजब यह है कि इतना बड़ा फिल्मी सीन बनने और एफआईआर दर्ज हो जाने के बाद भी थानेदार साहब कह रहे हैं कि उनके थाने में ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई है।

बदमाशों के पीछे भागने, उनको दबोचने के दौरान गांव और घर में दबिश देने के मामले में पुलिस की पिटाई के मामले गाहे-बगाहे सामने आते ही रहते हैं, लेकिन जिले के एक थाने से सामने आया पुलिस पिटाई का यह मामला पूरा फिल्मी है। जिले के तितावी थाने से सनसनीखेज खबर है। यहां पूरा दंगल मचा और गांव की दो बहनों ने साबित कर दिया कि मुजफ्फरनगर की छोरियां किसी के छोरे से कमतर नहीं हैं। जी हां! बड़े-बड़े बदमाशों और अपराधियों को पानी पिलाने के साथ ही चुनावी सीजन में उनको गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध करने और गुण्डा एक्ट लगाकर जिले की सीमाओं से बाहर भेजने का जौहर दिखाने वाली मुजफ्फरनगर अपने ही थाने में सुरक्षित नहीं है। ये हम नहीं बल्कि खुद पुलिस अपनी मुंहजुबानी और लिखित तहरीर करते हुए कह रही है।

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मामला जिले के थाना तितावी का है। यहां पर गांव की दो पिद्दी सी छोरियों ने बड़ा तांड़व मचाकर रख दिया। ये दोनों छोरियां आपस में सगी बहनें बताई गयी हैं। इन छोरियां का जौहर इतना था कि थाने को ही ‘दंगल’ बनाकर रख दिया और दो महिला सिपाहियों के साथ खुद थानेदार साहब की भी शामत आ गई। तितावी थाने पर तैनात महिला सिपाही (1335) ऋचा चौधरी पुत्री शीशपाल निवासी ग्राम उजैडा मोदीनगर ग्रामीण जनपद गाजियाबाद ने 06 अपै्रल को अपने ही थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया। इस मुकदमे ने पुलिस की कमजोरी और लाचारी को सभी के सामने लाकर रख दिया है। महिला सिपाही ऋचा द्वारा मंुहजुबानी तहरीर के आधार पर थाना क्षेत्र के गांव नसीरपुर की दो बहनों के खिलाफ यह एफअईआर दर्ज कराई गयी है।

महिला सिपाही की शिकायत के अनुसार गत दिवस शनिवार को वो अपनी ड्यूटी के तहत थाना तितावी में महिला हेल्प लाइन डेस्क कार्यालय पर मौजूद थी। करीब डेढ़ बजे दो लड़कियां कोमल (23) और तनु (21) पुत्रियां अनिल उर्फ बबलू निवासी ग्राम नसीरपुर वहां पर आई और महिला सिपाही ऋचा से मिलकर मोबाइल फोन खोने की शिकायत करते हुए एफआईआर लिखाने के लिए कहा गया। महिला सिपाही ने दोनों बहनों से लिखित तहरीर मांगी। आरोप है कि इस पर दोनों ने बहनों ने तहरीर लिखने से इंकार करते हुए कहा कि तहरीर लिखने के लिए ही थाने पर पुलिस बैठी है, चुपचाप हमारी एफआईआर लिखो और उसकी रसीद हमें दे दो। महिला सिपाही ने इसके बावजूद फिर से दोनों लड़कियों से लिखित तहरीर मांगी

आरोप है कि इस पर दोनों ने आवेश में आकर महिला सिपाही ऋचा चौधरी के ऊपर हमला करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न कर डाली। महिला सिपाही ने शिकायत में कहा कि इस हमले में उनके साथ मारपीट की गयी और वर्दी भी फाड़ दी। शोर-शराबा होने पर अन्दर कार्यालय में अपना काम कर रही महिला सिपाही (1747) नीतू चौहान, महिला सिपाही (1321) रैनू और महिला पीआरडी (5018) रूबी भी मौके पर आ गई। इन तीनों ने भी हंगामा और मारपीट कर रही दोनों बहनों को समझाने का प्रयास किया। आरोप है कि हमलावर लड़कियों ने महिला सिपाही नीतू संग भी मारपीट शुरू कर दी। ये देखकर थानाध्यक्ष जोगेन्द्र सिंह भी बाहर आये और लड़कियों को रोकने का प्रयास किया तो दोनों बहनों ने उनके साथ भी अभद्रता शुरू कर दी। इस घटना के बाद महिला सिपाही ऋचा चौधरी और नीतू की मुंहजुबानी के आधार पर थाने में हमलावर बहनों कोमल और तनु के खिलाफ आईपीसी की धारा 186, 352, 353, 323, 504 और 506 के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज कर ली गयी है।

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थाने में महिला सिपाहियों की पिटाई, वर्दी फाड़ने की घटना होने और इसके बाद एफआईआर दर्ज हो जाने के बावजूद भी पुलिस इस घटना को छिपाने में लगी है। खुद थानेदार घटना के समय मौके पर मौजूद रहे, जैसा की एफआईआर में स्पष्ट हुआ, लेकिन जब उनसे घटना को लेकर पूछा गया तो उन्होंने बेहद साफगोई के साथ ऐसे किसी भी मामले से इंकार कर दिया। थानाध्यक्ष जोगेन्द्र सिंह ने बताया कि थाने में किसी महिला सिपाही की पिटाई या अभद्रता का मामला नहीं हुआ है। ऐसी किसी भी घटना की उनको जानकारी नहीं है कि थाने में पुलिस कर्मियों से कोई मारपीट नहीं हुई है। यह सफेद झूठ बोलने वाले थानाध्यक्ष शायह ये भूल गये कि उनके झूठ की पोल उनके ही थाने में शनिवार 06 अपै्रल 2024 को अपराहन 15.09 बजे की टाइमलाइन पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 91/2024 के तहत दर्ज एफआईआर कर रही है।

सीओ फुगाना ने बताई नई कहानी, बोले-थाने में आपस में ही भिड़ गई थीं दो महिलाएं

मुजफ्फरनगर। थाना तितावी परिसर में घुसी दो बहनों के द्वारा खूब हाथ दिखाते हुए दो महिला सिपाहियों का भुस भरकर रख दिया गया, लेकिन जिले की पुलिस अंजान है, या फिर कहानी बदलने का काम करने में जुटी है। थानाध्यक्ष तितावी जोगेन्द्र सिंह एफआईआर होने के बावजूद भी जहां घटना होने से इंकार कर रहे हैं, वहीं सीओ फुगाना रविशंकर ने एफआईआर की कहानी को ही बदलने का काम कर दिया। सीओ फुगाना से जब इस सम्बंध में फोन पर मालूमात करने का प्रयास किया गया तो उनका कहना था कि थाना तितावी परिसर में महिला सिपाहियों के साथ मारपीट की घटना नहीं हुई, बल्कि अपने किसी विवाद में शिकायत दर्ज कराने आई दो महिलाओं के बीच ही आपस में झगड़ा हो गया और वो थाने में ही भिड़ गई थी। थाना पुलिस ने उनके खिलाफ कार्यवाही की है। महिला सिपाही द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की जानकारी से भी उन्होंने साफगोई से इंकार करतरे हुए कहा कि दो महिलाएं थाना तितावी आई थीं, वो थाना परिसर में आपस में ही लड़ गई। किसी सिपाही के साथ कोई मारपीट की घटना नहीं हुई है। वहीं एसपी देहात आदित्य बंसल से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि ऐसे किसी मामले की उनको अभी कोई जानकारी नहीं है, वो इस सम्बंध में पता करने के बाद ही कुछ बता पायेंगे।

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समझाने आई महिला सिपाही को भी पीटा, गला पकड़कर लटकी हमलावर बोली-जान से मार दूंगी

मुजफ्फरनगर। थाना तितावी में एफआईआर की तहरीर में दर्ज आरोपों को देखा जाये तो थाना तितावी परिसर में दिनदहाड़े घुसी दो बहनों ने जमकर उत्पात मचाया और पुलिस को जमकर पीटा। महिला सिपाही ऋचा चौधरी द्वारा दर्ज एफआईआर में बताया गया कि जब दोनों लड़कियों के द्वारा उनकी पिटाई की जा रही थी तो अन्दर कार्यालय में कार्य निपटा रही महिला सिपाही नीतू और रैनू भी आग गई थी। दोनों लड़कियों ने सिपाही नीतू को भी दबोच लिया और उसका गला पकड़कर लटक गई, नीतू को दोनों ने पीटते हुए जान से मारने की भी धमकी दी। दो-दो महिला सिपाहियों की थाने में ही पिटाई होने के बाद पुलिस डेमेज कंट्रोल में जुटी है। मारपीट करने वाली लड़कियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन उनको गिरफ्तार किया गया या नहीं, इसकी कोई जानकारी देने से थानेदार के साथ ही पुलिस अफसर बच रहे हैं। 

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