कई युवकों के द्वारा मिलकर किया जाता था नशीली दवाईयों का अवैध कारोबार, मीनाक्षी चैक पर चैकिंग के दौरान हाथ आया गिरोह
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। खालापार पुलिस की सतर्कता और चैकिंग अभियान के दौरान पकड़ी गई एक स्कूटी ने नशीली दवाइयों के काले कारोबार का ऐसा राज खोला, जिसने पूरे जिले को चैंका दिया। पुलिस ने ट्रामाडोल जैसी प्रतिबंधित दवाइयों का भारी जखीरा बरामद करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद कैप्सूलों की संख्या साढ़े चार लाख से अधिक बताई गई है, जिनकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
मुजफ्फरनगर में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए खालापार पुलिस ने ट्रामाडोल सहित प्रतिबंधित नशीली दवाइयों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए करीब 4 लाख 72 हजार 800 नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं। बरामद दवाइयों का कुल वजन लगभग 266 किलोग्राम बताया गया है। खालापार चैकी इंचार्ज उपनिरीक्षक असगर अली ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। थाना प्रभारी निरीक्षक बबलू सिंह वर्मा ने बताया कि चैकी इंचार्ज असगर अली द्वारा अपनी टीम के साथ 10 मई की शाम मिनाक्षी चैक पर संदिग्ध वाहन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक स्कूटी पर दो युवक बीच में गत्ते का एक कार्टून रखकर जाते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की और कार्टून खुलवाकर देखा तो कार्टून में ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड और डाईक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइड से बने स्पासमोर कंपनी के कैप्सूल मिले। इस बाॅक्स में कुल 90 डिब्बे थे, एक डिब्बे मे 10 पत्ते और एक पत्ते में 24 कैप्सूल है, इस प्रकार कुल 21600 कैप्सूल बरामद किए गए। ये साल्ट नशीली दवाईयों में प्रयोग होता है और नशे के लिए भी लोग इसका उपयोग करते हैं। इसकी खुली बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध है और ये एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत आता है।
यहां पर पकड़े गये इन दोनों युवकों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना नाम अनन्त पुत्र कर्मवीर निवासी मोहल्ला गाँधीनगर थाना नई मण्डी एव दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम मोहित पाल पुत्र सुरेश पाल निवासी जनकपुरी थाना सिविल लाईन बताया। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि गांधी नगर स्थित एक मकान में नशीली दवाइयों का बड़ा स्टॉक रखा गया है और वहां उनके अन्य साथी भी मौजूद हैं। वहीं से वो ये माल लेकर सप्लाई करने जा रहे थे कि चेकिंग में पकड़े गये। सूचना पर क्षेत्राधिकारी नगर मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम दोनों आरोपियों को साथ लेकर गांधी नगर स्थित मकान पर पहुंची। वहां कमरे में चार युवक बैठे मिले, जो नशीले कैप्सूलों की खरीद-फरोख्त की बातचीत कर रहे थे।
कमरे से कैप्सूलों से भरे 21 और कार्टून बरामद किए गए। यहां से पुलिस ने छह अन्य युवकों को गिरफ्तार किया। मौके से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अकिंत पुत्र नरेश कुमार निवासी भोकरहेडी थाना भोपा, सलीम पुत्र अहसान निवासी गढी रसूलपुर थाना मीरापुर, लवीश पुत्र शराफत निवासी गढी रसूलपुर थाना मीरापुर और सुमित पुत्र रमेश चन्द निवासी मौहल्ला जनकपुरी थाना सिविल लाईन के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खतौली निवासी अश्वनी शर्मा से ब्लैक में दवाइयां खरीदते थे और फिर ऊंचे दामों पर नशा करने वाले युवकों को सप्लाई करते थे। बताया कि इनकी खुली बिक्री प्रतिबंधित है, ऐसे में उनको अच्छे मुनाफे पर कारोबार करने का अवसर मिलता था और आॅर्डर पर वो माल मेडिकल स्टोर या अन्य स्थानों पर भेजते थे।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि ट्रामाडोल जैसे कैप्सूल सामान्यतः डॉक्टर के पर्चे पर ही मेडिकल स्टोर से बेचे जाते हैं, लेकिन नशे के आदी युवकों की मांग के चलते वे इन्हें अवैध रूप से बाजार में बेचते थे। पुलिस ने बरामद कैप्सूलों की गिनती कराई तो कुल 4,72,800 कैप्सूल पाए गए। कार्रवाई के दौरान सभी दवाइयों को सील कर कब्जे में लिया गया तथा नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों और दवा कारोबारियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नशीली दवाइयों की सप्लाई कर रहा था।






