नई दिल्ली में आयोजित छठा भारत-ब्रिटेन गृह संवाद में दोनों देशों ने आतंकवाद और संगठित अपराधों के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, बैठक में खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों और ब्रिटेन में सक्रिय भारत विरोधी समूहों की गतिविधियों पर विशेष चर्चा हुई। बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सचिव (सीमा प्रबंधन) राजेंद्र कुमार ने किया, जबकि ब्रिटेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह कार्यालय के द्वितीय स्थायी सचिव साइमन रिडली ने किया। दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस महत्वपूर्ण वार्ता में शामिल रहे।
भारत-ब्रिटेन गृह संवाद में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
गृह मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान दोनों देशों ने जारी सहयोग की समीक्षा की और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। विशेष रूप से आतंकवाद और संगठित अपराधों से मुकाबला करने के लिए संभावित सहयोग की दिशा तय करने पर जोर दिया गया। बैठक में निम्न प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई:
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मादक पदार्थों की तस्करी
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प्रवासन से जुड़े मुद्दे
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आपराधिक न्याय प्रणाली
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कानून प्रवर्तन सहयोग
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साइबर सुरक्षा
दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन में सक्रिय खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों और भारत विरोधी समूहों की गतिविधियों को लेकर अपनी चिंता स्पष्ट रूप से रखी। साथ ही, ब्रिटेन में भारत के गणमान्य व्यक्तियों और राजनयिक मिशनों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर मुद्दे उठाए गए। गृह मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने मौजूदा सहयोग स्तर पर संतोष व्यक्त किया।
बैठक का समापन इस सहमति के साथ हुआ कि भारत-ब्रिटेन गृह संवाद के माध्यम से सुरक्षा सहयोग को और सशक्त किया जाएगा तथा द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में यह संवाद आतंकवाद, साइबर अपराध और संगठित अपराध के विरुद्ध साझा रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकता है।






