12 साल से जमे जेई सिंचाई विभाग उधम सिंह का तबादला, मेरठ भेजे गए

पीनना रजवाहा सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद उठे थे सवाल, आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर हुई कार्रवाई

मुजफ्फरनगर। सिंचाई विभाग में लंबे समय से जमे अवर अभियंता उधम सिंह का आखिरकार तबादला कर दिया गया। पीनना रजवाहा सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार और वर्षों से एक ही जनपद में तैनाती को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच शासन ने उन्हें मेरठ स्थानांतरित कर दिया। आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने इसे जनहित की बड़ी जीत बताया है।

आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक निवासी पीनना ने बताया कि सिंचाई विभाग के खण्ड गंगा नहर में अवर अभियंता (निर्माण) के पद पर कार्यरत उधम सिंह का तबादला मुजफ्फरनगर से मेरठ जनपद कर दिया गया है। शासन के आदेश पर उन्हें ड्रेनेज खण्ड प्रथम, मेरठ में भेजा गया है। सुमित मलिक के अनुसार, कुछ समय पहले उन्होंने पीनना रजवाहा सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला प्रमुखता से उठाया था। आरोप था कि सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब रही। शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें अनियमितताएं सही पाई गईं। जांच में घटिया निर्माण की पुष्टि होने पर संबंधित सड़क को दोबारा बनवाया गया।

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उन्होंने बताया कि इस प्रकरण के बाद उन्होंने अवर अभियंता उधम सिंह की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे। साथ ही यह मुद्दा भी उठाया गया कि उधम सिंह पिछले करीब 12 वर्षों से जनपद में ही तैनात थे, जो विभागीय नियमों के विपरीत माना जा रहा था। इस संबंध में शासन और प्रशासन से उनके कार्यकाल की जांच कराने की शिकायत भी की गई थी। सुमित मलिक ने बताया कि शासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उधम सिंह का तबादला कर दिया। 23 अप्रैल को अधिशासी अभियंता, खण्ड गंगा नहर ने शासन के आदेश के अनुपालन में उन्हें कार्यमुक्त भी कर दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है। इससे अन्य अधिकारियों को भी यह संदेश जाएगा कि लापरवाही और भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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