जम्मू-कश्मीर विधानसभा हंगामा शुक्रवार को उस समय चरम पर पहुंच गया जब बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी के बाद कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। हालात इतने बिगड़ गए कि मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से ही सदन का माहौल तनावपूर्ण रहा और कुछ ही देर में यह तीखी राजनीतिक भिड़ंत में बदल गया।
सदन में उस वक्त तनाव बढ़ गया जब विपक्षी सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘नरेंद्र मोदी हाय-हाय’ और ‘मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। इस पर भाजपा विधायक अपनी सीटों से उठ खड़े हुए और कड़ा विरोध जताया। जवाब में भाजपा विधायक युधवीर सेठी ने कहा, “राहुल गांधी पप्पू हैं।” नारेबाजी के बीच कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन और भाजपा विधायक युधवीर सेठी के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही झड़प में बदल गई।
दोनों दलों के विधायक आमने-सामने आ गए और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ सदस्यों ने कागज फाड़कर हवा में उछाले, जिससे सदन में अफरातफरी मच गई। स्थिति को बिगड़ता देख विधानसभा के मार्शल और सुरक्षाकर्मी तुरंत सक्रिय हुए। उन्होंने दोनों पक्षों के विधायकों को अलग किया और काफी मशक्कत के बाद हालात को काबू में किया। इस जम्मू-कश्मीर विधानसभा हंगामा से पहले सदन में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर विरोध जताया और ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा की। सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, सीपीआई(एम) और निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ पीडीपी के सदस्यों ने भी इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। दूसरी ओर भाजपा विधायक हाथों में तख्तियां लेकर खड़े थे और जम्मू में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग कर रहे थे।
सदन के बाहर नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने कहा, “हम ईरान के साथ एकजुटता से खड़े हैं। पूरी नेशनल कॉन्फ्रेंस और जम्मू-कश्मीर सरकार उनके साथ है। किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का अधिकार नहीं है।” जम्मू-कश्मीर विधानसभा हंगामा ने एक बार फिर राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते टकराव को उजागर कर दिया। बजट सत्र की शुरुआत ही जिस तरह के विवाद और हाथापाई से हुई, उसने सदन की कार्यवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






