किश्तवाड़ के बर्फीले पहाड़ों में आतंकी ‘मिनी किला’ ध्वस्त, जैश का गुप्त नेटवर्क बेनकाब

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दुर्गम और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के एक बेहद संगठित और लंबे समय से सक्रिय ठिकाने का पर्दाफाश किया है। करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर बना यह बंकर किसी साधारण छिपने की जगह नहीं, बल्कि पत्थरों से बना एक ऐसा फोर्टिफाइड ठिकाना था, जहां आतंकी महीनों तक बिना बाहर निकले रह सकते थे।

अंदर मिला ऐसा इंतजाम, जिसने चौंका दिया

सुरक्षा बलों को बंकर के भीतर से बड़ी मात्रा में राशन और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान मिला है। इसमें दर्जनों मैगी पैकेट, उच्च गुणवत्ता का बासमती चावल, सब्ज़ियां, कई तरह के मसाले, अनाज, कुकिंग गैस सिलेंडर और ईंधन के लिए सूखी लकड़ी शामिल है।

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यह साफ संकेत है कि आतंकी इस इलाके में लंबे समय तक ठहरने और लगातार गतिविधियां चलाने की तैयारी में थे।

मिनी-किले जैसा बंकर, कई गुप्त रास्ते

अधिकारियों के मुताबिक, यह बंकर बड़े-बड़े पत्थरों से इस तरह बनाया गया था कि ऊपर से देखने पर किसी को उसके नीचे मौजूद संरचना का अंदाजा तक नहीं हो सकता था। अंदर रहने, खाना बनाने और छिपने की पूरी व्यवस्था थी, साथ ही कई छुपे हुए प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए थे।

मुठभेड़ में सात जवान घायल, एक शहीद

रविवार दोपहर जब सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया, तो छिपे आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला कर दिया। इस हमले में सात जवान घायल हो गए। इलाज के दौरान हवलदार गजेंद्र सिंह ने वीरगति प्राप्त की। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर जैश का कमांडर सैफुल्लाह और उसका साथी आदिल मौके से फरार हो गए।

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स्थानीय मदद के बिना संभव नहीं था इतना बड़ा इंतजाम

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतनी ऊंचाई और दुर्गम इलाके में महीनों का राशन, ईंधन और निर्माण सामग्री पहुंचाना बिना स्थानीय सहयोग के संभव नहीं है। इसी कड़ी में अब ओवरग्राउंड नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।

अब तक चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है।

एक साल से इलाके में सक्रिय था आतंकी कमांडर

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जैश का पाकिस्तानी मूल का कमांडर सैफुल्लाह करीब एक साल से अधिक समय से इसी क्षेत्र में सक्रिय था। सुरक्षा बलों का कहना है कि बंकर की बनावट और इंतजाम देखकर साफ है कि आतंकी इस इलाके को स्थायी ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बना चुके थे।

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ओवरग्राउंड नेटवर्क तोड़ने का अभियान तेज

फिलहाल सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। एजेंसियों का लक्ष्य सिर्फ फरार आतंकियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को खत्म करना है, जिसकी मदद से ऐसे गुप्त ठिकाने तैयार किए जाते हैं।

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